Republic Day Shayari | गणतंत्र दिवस शायरी
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ना जियो धर्म के नाम पर
ना मरो धर्म के नाम पर
इंसानियत ही है धर्म वतन का
बस जियो वतन के नाम पर
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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भूख, गरीबी, लाचारी को
इस धरती से आज मिटायें
भारत के भारतवासी को
उसके सब अधिकार दिलायें
आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई
रिश्ता हमारा ऐसे ना तोड़ पाए कोई
दिल हमारा एक है एक है हमारी जान
हिन्दुस्तान हमारा है हम है इसकी शान
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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इतनी सी बात हवाओ को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना
जय हिन्द जय भारत
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आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे
जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान लुटा देंगे
क्योंकि भारत हमारा देश है
अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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चलो फिर से आज वो नजारा याद कर ले
चलो फिर से आज वो नजारा याद कर ले
शहीदों के दिलो में थी जो वो ज्वाला याद कर ले
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे
देशभक्ति के खून की वो धारा याद कर ले
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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Republic Day Shayari | गणतंत्र दिवस शायरी
ये बात हवाओ को बताये रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने की
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना
जय हिन्द
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ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर
सोने में सिमटकर मरे हैं कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये
दिल एक है जान एक है हमारी
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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नहीं सिर्फ जश्न मनाना, नहीं सिर्फ झंडे लहराना
ये काफी नहीं है वतन पर, यादों को नहीं भुलाना
जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना
खुदा के लिए नही ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा
तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा
हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा
यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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Republic Day Shayari | गणतंत्र दिवस शायरी
ये नफरत बुरी है ना पालो इसे
दिलों में नफरत है निकालो इसे
ना तेरा, ना मेरा, ना इसका, ना उसका
ये सब का वतन है बचालो इसे
जय हिन्द जय भारत वन्दे मातरम
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आओ झुक कर सलाम करे उनको
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है
खुश नशीब होता है वो खून
जो देश के काम आता है !!
जय हिन्द
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आज सलाम है उन वीरो को
जिनके कारण ये दिन आता है
वो माँ खुशनसीब होती है
बलिदान जिनके बच्चो का
देश के काम आता है
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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खुशनसीब होते है वो लोग जो वतन पर मिट जाते है
मर कर भी वो लोग सदा के लिए अमर हो जाते है
करते है तुम्हे सलाम-ऐ-वतन पर मिटने वालो
तुम्हारी हर एक साँस में बसता तिरंगे का नसीब है
जय हिन्द
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ना पूछो जमाने से कि
क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो बस
इतनी है कि हम सब
हिन्दुस्तानी हैं !!
गणतंत्र दिवस की बधाई
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देश भक्तो के बलिदान से
स्वतन्त्र हुए है हम
कोई पूछे कोन हो, तो गर्व से
कहेंगे भारतीय है हम
गणतंत्र दिवस की ढ़ेरो शुभकामनाये!!
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आजाद की कभी शाम नहीं होने देंगें
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगें
बची हो जो एक बूंद भी गरम लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगें
गणतंत्र दिवस मुबारक हो
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दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर
दीप जलाये है कितने दीप बुझा कर
मिली है जब ये आज़ादी तो फिर से इस आज़ादी को
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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कुछ नशा तिरंगे की आन है
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है
हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है
जय हिन्द
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तैरना है तो समंदर में तैरो
नदी नालों में क्या रखा है
प्यार करना है तो वतन से करो
इस बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर
हैप्पी रिपब्लिक डे
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चलो फिर से खुद को जागते है
अनुसासन का डंडा फिर घुमाते है
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते है
आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
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Republic Day Shayari | गणतंत्र दिवस शायरी
देश भक्तो के बलिदान से
स्वतन्त्र हुए है हम
कोई पूछे कौन हो
तो गर्व से कहेंगे
भारतीय है हम
हैप्पी गणतंत्र दिवस
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भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान
सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का
इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास
गणतंत्र दिवस की ढ़ेरो शुभकामनाए
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ना मरो सनम बेवफा के लिए
ना मरो सनम बेवफ़ा के लिए
2 गज जमीन नही मिलेगी दफन के लिए
मरना है तो मरो अपने वतन के लिए
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी कफ़न के लिए
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना
न दे दोलत न दे शोहरत, कोई शिकवा नही हमको
झुका दूँ सर मै दुश्मन का यही हिम्मत का घन देना
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ
मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
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मैं इसका हनुमान हूँ
ये देश मेरा राम है
छाती चीर के देख लो
अन्दर बैठा हिन्दुस्तान है
जय हिंदी जय भारत
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