
सरकार छोटे सरकारी बैंकों को मिलाकर बड़े बैंक बनाने की योजना पर काम कर रही है। लेकिन आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन नहीं मानते कि बड़े बैंक ही बेहतर सेवा दे सकते हैं। भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने कहा, "बड़े बैंक बड़े प्रोजेक्ट को कर्ज दे सकते हैं, पर इसका मतलब यह नहीं कि वे सुविधाएं भी बेहतर कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि कालेधन की पहचान करने में नोटबंदी कामयाब रही या नाकाम, अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।" गुरुवार को यहां अपनी किताब ‘आई डी व्हाट आई डू’ की लांचिंग पर मीडिया से चर्चा में राजन ने कहा कि अगर उनके कार्यकाल में सरकार नोटबंदी करती तो वह आरबीआई गवर्नर पद से इस्तीफा दे देते।
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