
1993 के मुंबई ब्लास्ट मामले में टाडा कोर्ट ने 24 साल बाद गुरुवार को दूसरा फैसला सुनाया। इसमें 7 आरोपी थे। मो. ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा हुई, लेकिन पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कर लाए गए अबू सलेम को उम्रकैद हुई है। फैसले के वक्त कोर्ट में मौजूद सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बताया- अबू सलेम के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। वह अदालत में आराम से खड़ा मुस्कुराते हुए अपने वकीलों से बात कर रहा था। जबकि सलेम के साथी रियाज सिद्दीकी और करीमउल्ला कोर्ट में ही कुरान पढ़ते रहे।
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