
नवरात्री में यहां इस बार 3000 से ज्यादा पंडाल बने हैं। हर पंडाल की अपनी थीम है। कहीं नोटबंदी का विरोध दिखाया गया है तो कहीं साइंस का सपोर्ट करती झांकी है। कहीं एनवायर्नमेंट को बचाने का मैसेज तो कहीं सेहत को सहेजने का तरीका बताया गया है। ये पंडाल एक-दूसरे से अलग दिखने के कॉम्पटीशन में बनाए जाते हैं। इसके लिए ऑर्गनाइजर्स कई महीने पहले से प्लानिंग शुरू कर देते हैं। कई पंडाल इतने भव्य और शानदार बनाए जाते हैं कि विजयादशमी के बाद भी दो-तीन दिन तक मूर्ति विसर्जन नहीं होता, ताकि लोग देखने आ सकें।
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