न्यायमूर्ति एन किरुबकरण ने मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश की इच्छुक 17 वर्षीय छात्रा अनीता द्वारा आत्महत्या करने के बाद एक छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये सवाल किए. आगे पढ़ें
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