दुबई। HRW (ह्यूमन राइट्स वॉच) जो कि मानवाधिकार निगरानी संस्था है, ने आज कहा कि सऊदी अरब अपने यहां के शिया अल्पसंख्यकों के खिलाफ मजहबी टोलियों, स्कूली किताबों और सोशल मीडिया के जरिये फैलायी जा रही नफरत की अनदेखी कर रहा है।
न्यूयॉर्क स्थित निगरानीकर्ता ने कहा कि आधिकारिक पदों पर बैठे लोगों समेत सऊदी मौलवी ट्विटर जैसे 21वीं सदी के औजारों को अपने लाखों अनुयायियों के बीच असहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये ‘‘सख्ती से नियोजित’’ कर रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि उनके शब्द अक्सर ‘‘नफरत और भेदभाव को शह’’ देने के स्तर तक बढ़ जाते हैं।
HRW निगरानीकर्ता ने कहा कि शियाओं के खिलाफ प्रभावशाली मौलवियों द्वारा छद्म भाषा में की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियां सरकारी मंजूरी से छपने वाली धार्मिक पुस्तकों और यहां तक कि स्कूली किताबों में भी देखने को मिल जाती हैं जो आम तौर पर शियाओं की धार्मिक मान्यताओं के तिरस्कार के तौर पर की जाती हैं।
HRW ने एक फेसबुक पोस्ट समेत इसके कई उदाहरण दिये। निगरानीकर्ता ने इसके लिए सरकार की शूरा परिषद के एक पूर्व सदस्य अल-शरीफ हातेम बिन अरेफ अल-अवनि की फेसबुक पोस्ट का जिक्र किया है जिसमें 2015 में कातिफ में शिया मस्जिद में किये गये बम धमाके की तारीफ की गयी है।
हालांकि HRW ने बाद में अपनी पोस्ट हटा ली थी, जिसमें कहा गया कि शिया विरोधी रवैया ऊपर से ही आता है।
-एजेंसी
The post HRW रिपोर्ट: ट्विटर, किताबों से नफरत फैला रहे हैं सऊदी अरब के मौलवी appeared first on Legend News: Hindi News, News in Hindi , Hindi News Website,हिन्दी समाचार , Politics News - Bollywood News, Cover Story hindi headlines,entertainment news.

No comments:
Post a Comment