
HC ने अपने फैसले में कहा, "इन्वेस्टिगेशन अथॉरिटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में दावा किया था कि हेमराज का फोन पंजाब में एक्टिव था। इस दावे को पुख्ता करने के लिए उन्होंने कोई सबूत नहीं रखा। ये फैक्ट कि हेमराज का फोन 16.5.2008 को एक्टिव था और किसी और शख्स के पास था, ये मजबूती से इशारा करता है कि तलवार के घर में उस रात कोई और भी घुसा था और वो मर्डर करने के बाद हेमराज का फोन भी ले गया।"
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