
इस तरह का सर्विलांस शिप अभी तक अमेरिका, रूस, चीन व फ्रांस के पास ही है। 2018 में हमारी नौसेना को ये जहाज मिलते ही हम भी इन देशों के क्लब शामिल में हो जाएंगे। यह प्रोजेक्ट कितना सीक्रेट है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे सीधे पीएमओ और एनएसए अजीत डोभाल मॉनिटर कर रहे हैं।
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