लद्दाख में चीन से लगती वास्तविक सीमा रेखा पर ऊंटों के जरिए की जाएगी पट्रोलिंग | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Thursday, 28 December 2017

लद्दाख में चीन से लगती वास्तविक सीमा रेखा पर ऊंटों के जरिए की जाएगी पट्रोलिंग

नई दिल्‍ली। भारतीय सेना ने लद्दाख में चीन से लगती वास्तविक सीमा रेखा पर निगरानी बढ़ाने के लिए ऊंटों को पट्रोलिंग के काम में लगाने की योजना बनाई है। डोकलाम में लंबे समय तक गतिरोध कायम रहने के बाद भी चीनी सैनिकों के अतिक्रमण के चलते सेना ने यह फैसला लिया है। फिलहाल पायलट प्रॉजेक्ट के तहत ऊंटों के जरिए पट्रोलिंग की जाएगी।
चीनी सैनिकों की भारत-तिब्बत-भूटान सीमा पर मौजूदगी से चिंतित भारतीय सेना सीमाओं की चौकसी के लिए अब इस नई रणनीति पर काम करने जा रही है।
ऊंटों को पेट्रोलिंग करने और भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री ले जाने के लिहाज से प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां एक और दो कूबड़ वाले यानी दोनों तरह के ऊंटों का इस्तेमाल किया जाएगा। दो कूबड़ वाले ऊंट 180 से 220 किलोग्राम वजन ले जा सकेंगे। फिलहाल सेना इस काम के लिए खच्चरों या टट्टुओं का इस्तेमाल करती है, जो 40 किलोग्राम तक वजन ही ले सकते हैं। यही नहीं, खच्चरों के मुकाबले ऊंटों की गति भी अधिक होगी।
भारत में दो कूबड़ वाले ऊंट सिर्फ लद्दाख की नुब्रा घाटी में ही पाए जाते हैं। फिलहाल सेना को एक कूबड़ वाले 4 ऊंट मिले हैं। यदि सेना का यह पायलट प्रॉजेक्ट सफल रहता है तो भारतीय सेना की ओर से 12,000 और 15,500 फुट की ऊंचाई वाले इलाकों में ऊंटों का इस्तेमाल किया जा सकता है। डीआरडीओ की लेह स्थित लैबोरेट्री डिफेंस इंस्टिट्यूट ऑफ हाई अल्टिट्यूड रिसर्च ने ऊंटों की भार उठाने की क्षमता को लेकर शोध करना शुरू कर दिया है।
-एजेंसी

The post लद्दाख में चीन से लगती वास्तविक सीमा रेखा पर ऊंटों के जरिए की जाएगी पट्रोलिंग appeared first on Legend News: Hindi News, News in Hindi , Hindi News Website,हिन्‍दी समाचार , Politics News - Bollywood News, Cover Story hindi headlines,entertainment news.

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad