मेरठ। डाइरेक्टर विक्की रनावत राइटर रिषी आजाद की फिल्म हसीना को देखने वालों की जुबान पर एक ही बात आ रही है- मां कब आएगी। अब यह फिल्म देखकर आने वालों में, खासकर युवाओं की जुबान पर है कि मां कब आएगी। हसीना की फिल्मी माँ गरिमा अग्रवाल ने अपनी भूमिका में जान डाल दी है। आज जबकि युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं लेकिन इस फिल्म में बिगडने की राह पर चले युवाओं को वह किस प्रकार सही रास्ते पर लाती हैं, यह उनकी भूमिका की खासियत है।

अभी हाल ही में यहां आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेत्री गरिमा अग्रवाल को उनके प्रशंसकों ने जहां उनकी भूमिका के लिए बधाई दी, वहीं गरिमा अग्रवाल ने कार्यक्रम में महिलाओं को मोटीवेट भी किया। इस संदर्भ में गरिमा जिस भी र्काक्रम में जा रही हैं, वहां मांओं को उनकी भूमिका के बारे में पे्ररित भी कर रही हैं। उनके प्रशंसकों ने उन्हें खासकर इस बात के लिए बधाई दी कि आज जबकि फिल्मों पर युवाओं को बिगाडने के आरोप लगते हैं, ऐसे में उनकी फिल्म आज के युवाओं में संस्कार डालने का काम कर रही है।
गरिमा अग्रवाल ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए जहां टैलेंट की जरूरत होती है, वहीं समय के सदुपयोग की भी जरूरत पड़ती है। उन्होंने अपने परिवार को साथ लेकर चलकर इस मुकाम को हासिल किया है। इसमें उनके पति अमरीश अग्रवाल तथा दोनों बच्चों ने भरपूर सहयोग दिया। आज भी वह इस सफर में सफलता का श्रेय अपने परिवार तथा शुभ चिंतकों को देती हैं।

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