नई दिल्ली। पाकिस्तान के मुद्दे पर जनरल ने कहा कि वहां से मिल रही परमाणु धमकी महज भभकी बताया है। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि अगर चीन ताकतवर है, तो भारत भी कमजोर नहीं हैं। सेना दिवस से पहले जनरल रावत ने शुक्रवार को राजधानी में प्रेस वार्ता में कहा, यह सही है कि चीन ताकत दिखा रहा है और दबाव डाल रहा है। हम चीन के साथ विवाद को आगे नहीं बढ़ने देंगे, लेकिन अपने क्षेत्र पर हमला या अतिक्रमण भी नहीं होने देंगे।
‘सतर्क रहना होगा’
उन्होंने कहा कि चीन से लगे इलाके में हमारी गतिविधियां बढ़ी हैं, इसलिए उसकी सेनाओं से हमारा सामना भी बढ़ा है। हालांकि, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर मतभेद के मामलों को समझाने के लिए हमारे पास बेहतरीन व्यवस्था है। इसी के जरिये हाल में अरुणाचल प्रदेश के टूटिंग में रोड बनाने का मामला सुलझा लिया गया, लेकिन हमें भविष्य में सतर्क रहना होगा। डोकलाम में हमारा प्रयास था कि यह टकराव न बढ़े और उसी सेक्टर तक सीमित रहे, लेकिन तैयारी जारी थी। हमने जो बुलेटप्रूफ हेल्मेट मंगाए थे, वे सबसे पहले वहां तैनात सैनिकों के पास भेजे थे। चीनी सैनिक पीछे जमे हुए हैं, लेकिन उनकी गतिविधियां पहले जैसी नहीं हैं। उनके लोगों की संख्या कम हो गई है। हो सकता है कि यह सर्दी के कारण हो और सर्दी के बाद वे फिर लौटें, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।
हॉट लाइन की तैयारी
चीन से खतरे पर जनरल रावत ने कहा कि इससे सेना अकेले नहीं निपट रही है, बल्कि सरकारी स्तर पर भी जुड़ाव कायम किया जा रहा है। भारत और चीन हॉट लाइन की भी तैयारी कर रहे हैं और यह जल्द ही यह सामने आएगा। दो मोर्चों की जंग के मसले पर जनरल ने कहा कि हमारे पास इसके लिए प्लान है। एक साल में हमने अपने आप को काफी अपग्रेड किया है। हमें पश्चिमी सीमा के मुकाबले उत्तरी सीमा पर फोकस करना चाहिए। उत्तरी सीमा पर भौगोलिक रूप से हमें लाभ हासिल है। सबसे जरूरी बात यह है कि पड़ोसी देशों को अलग ना होने दिया जाए।
पाक से संदेश
जनरल रावत ने कहा कि हम इस बात को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने से नहीं हिचकेंगे कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं। पाकिस्तान के साथ लगी सीमा पर सीजफायर टूटने के मामले में जनरल ने कहा कि हमारे यहां जितनी कैजुअल्टी हुई हैं, पाकिस्तान की ओर 3 से 4 गुना ज्यादा कैजुअल्टी हुई हैं। तभी पाकिस्तान की ओर से बार-बार यह संदेश आ रहा है कि 2003 में हुई सीजफायर की स्थिति को कायम किया जाए। हम देखेंगे कि घुसपैठ की घटनाएं कम हो रही हैं, तो इस पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि पाक को सीमा पार आतंकवाद के मामले में चीन का सीधा सपोर्ट होने के संकेत नहीं मिले हैं।
मकसद हासिल करेंगे
पाकिस्तानी सेना के लोगों को चीन में जैविक हमले की ट्रेनिंग मिलने की रपटों पर जनरल रावत ने कहा कि हम ‘डर्टी वॉर’ से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं। शुक्रवार को ही एक अन्य समारोह में जनरल रावत ने कहा कि केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर हथियारों का खतरा अब हकीकत बनता जा रहा है। खास तौर से नॉन स्टेट ऐक्टर्स के हाथों से। हमारे कई संभावित दुश्मन भी इन हथियारों का उन इलाकों में इस्तेमाल कर सकते हैं, जहां हमारे सुरक्षा बल तैनात हैं। वे इसके जरिये पारंपरिक तौर से भारत की बेहतर सैन्य क्षमता को चुनौती देना चाहेंगे। वे अपना मकसद ज्यादा से ज्यादा रूप में कम खर्च में हासिल करना चाहेंगे।


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