संडीला-पेट्रोल टँकी पर नही लेते दस के सिक्के झगड़े पर आमादा हो जाते है कर्मचारी | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Monday, 7 May 2018

संडीला-पेट्रोल टँकी पर नही लेते दस के सिक्के झगड़े पर आमादा हो जाते है कर्मचारी

बैंक भी नहीं ले रही सिक्के लोग परेशान,रिजर्व बैंक के आदेशों को सभी बैंक नही मानते आदेश
संडीला – हरदोई 07मई सिक्कों की मारामारी आज भी यथावत चली आ रही है यदि आप किसी दुकान के पास या फिर पेट्रोल टँकी पर जाए तो नोट ही लेकर जाए पता नही कब पेट्रोल टँकी के कर्मचारी कब आपकी इज्जत उतार दें सिर्फ सिक्कों के लिए दस का सिक्का चलना तो बिल्कुल बन्द सा होने लगा है दुकान दार हो या फिर पेट्रोल टँकी सभी लोग सिक्का लेने से कतराते हैं जब पेट्रोल टँकी मालिक से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि हम लोगों से बैंक सिक्के नही लेती है हम  लोग भी मजबूर हो जाते है । सिक्कों को लेकर काफी अफरातफरी मची हुई है ग्राहक व दुकानदार काफी परेशान है सरकार तो तत्काल बैंको को निर्देश जारी करने चाहिए कि सभी सिक्के जमा करें सिक्के न लेने से सबसे ज्यादा गरीबों के परेशानी हो रही है । लगभग डेढ़  वर्ष पूर्व नोटबन्दी के बाद सिक्को को लेकर समस्या पैदा हो गयी थी लेकिन तब समस्या यह थी कि बाजार से नोट बन्द होने की सूरत में सिक्को का चलन बढ़ गया था और बैंक भी पूरे नोट न दे पाने की सूरत में उपभोक्ताओं को सिक्कों की गठरी थमा रहा था कुछ लोगों को सिक्कों का बोझ सर पर उठाना पड़ा था तब उस समय भी दुकानदारों ने सिक्को का लेनदेन कम कर दिया था और उपभोक्ताओं को हलकान होना पड़ा था तब सरकार को विशेष तौर पर यह आदेश देना पड़ा था कि जो भी दुकानदार व पेट्रोल टँकी पर सिक्के लेने से इंकार करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी । प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा कोई समाचार नहीं है कि एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के सिक्के बन्द हो रहे है सरकार को एक बार पुनः सिक्को के न लेने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश देने होंगे और बैंको को भी निर्देशित करना होगा कि जो बैंक सिक्के लेने से इनकार करेगा उस बैंक के विरुद्ध भी कार्यवाही की जाएगी। जबकि रिजर्व बैंक ने भी सभी बैंकों को अपनी सभी शाखाओ में लेनदेन के लिए सिक्के स्वीकृत करने के लिए कहा गया था परन्तु बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी सिक्के लेने से इंकार कर रहे है और रिजर्व बैंक के आदेशों की खुली धज्जियां उड़ा रहे है ।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad