नई दिल्ली। अडानी पोर्ट और स्पेशल इकॉनोमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने मैरीन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में 97% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 1,950 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इसी के तहत गुरुवार को एपीएसईजेड और इसकी ईकाई अडानी कट्टुपल्ली पोर्ट्स ने कंपनी लार्सेन और टर्बो के साथ एक खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए।

एपीएसईजेड के सीईओ करण अडानी ने कहा कि “अडानी पोर्ट, कट्टुपल्ली पोर्ट को साउथ एशिया का सबसे बड़ा पोर्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” आगे उन्होंने यह भी कहा कि ” हम बंदरगाह में कार्गो की विविधता देने के लिए अपना निर्माण काम शुरू करने जा रहे हैं और अगले तीन सालों में 40 मिलियन टन नई क्षमता जोड़ देंगे।”
भविष्य में एपीएसईजेड इसे बहु-वस्तु बंदरगाह बनाने की योजना बना रहा है। जिसमें ऑटोमोबाइल, ब्रेक-बल्क, सामान्य सामान, तरल सामान और प्रोजेक्ट सामान भी शामिल होंगे। इसके अलावा इस पोर्ट में दो बर्थ होंगे जिसमें एक 710 मीटर की क्वा लंबाई की होगी और दूसरे बर्थ में 1.2 मिलियन टीईयू कंटेनरों को संभालने की क्षमता है।

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