नई दिल्ली। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट ने दुनियाभर में तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर संकेत दिए हैं। ‘साउथ एशियाज हॉटस्पॉट्स’ नामक रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से तापमान और बारिश में आ रहे बदलावों का दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन से बढ़ते तापमान और मानसून वर्षा पैटर्न में बदलाव से 2050 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में साल 2.8 फीसदी की गिरवाट आ सकती है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका इन परिवर्तनों से प्रतिकूल रूप से प्रभावित होंगे, जबकि अफगानिस्तान और नेपाल इससे को लाभ होगा क्योंकि वे अपेक्षाकृत ठंडे हैं। रिपोर्ट में इस बात की चेतावनी दी गई है कि इससे भारत में लगभग 60 करोड़ लोगों के रहन-सहन के स्तर में बड़ी गिरावट आ सकती है।
इससे पहले पेरिस समझौते में दुनियाभर के तापमान को दो डिग्री तक कम करने के लिए समझौता हुआ था. विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के बाद भी भारत को जीडीपी में गिरावट से 75,000 अरब रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा।
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे दक्षिण एशिया में करीब 80 करोड़ लोगों की जिंदगी तबाह हो सकती है, जहां दुनिया के सबसे गरीब और भूखे लोग हैं। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया के सभी छह देशों अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भारत और बांग्लादेश का जिक्र है।

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