नई दिल्ली। अगर आप एयरपोर्ट के पास रहते हैं या फिर किसी ऐसे रिश्तेदार या मित्र के घर गए हैं जो एयरपोर्ट के पास रहता हो, तो आपने महसूस किया होगा कि रोजमर्रा की जिंदगी में विमान की ऊंची आवाज़ से उन्हें कई समस्याओं से जूझना पड़ता है। इस का समाधान अब अमरीकी स्पेस ऐजेंसी NASA ने निकाल लिया है। नासा ने नॉइस रिडक्शन टैक्नोलॉजी के तहत विमान की नोज़ को कम करते हुए इसमें नए एयरफ्रेम कम्पोनेंट्स लगाए हैं जिनकी मदद से लैडिंग करते समय 70 प्रतिशत तक आवाज़ को कम किया जा सकता है।

गल्फस्ट्रीम III जेट पर आधारित इस विमान को फ्लैक्सिबल डिजाइन से बनाया गया है। जिसके बाद अमरीकी राज्य वर्जीनिया में स्थित नासा की लैंगली फसिलिटी के वैज्ञानिकों ने इस विमान पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
इस प्रोजैक्ट के तहत नासा ने गल्फस्ट्रीम III जैट विमान की एयरफ्रेम नोज़ को कम किया है। इसके अलवा टायरों के खुलने पर सामने की ओर छोटे-छोटे सुराख बनाए गए हैं जिनके उपर नैट लगा है। जो हवा को बीच में से पास होने देते हैं जिससे आवाज़ कम होती है। नासा ने बताया है कि आवाज़ इंजन से नहीं बल्कि विमान के सिरे से जो पीछे ही ओर हवा जाती है उससे पैदा होती है। हमने इसी बात पर ध्यान देते हुए इसे डिजाइन किया है।
NASA का कहना है कि एयरपोर्ट के पास आवाज़ को कम करने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। हमें पूरा यकीन है कि इस नई टैस्टिड टैक्नोलॉजी से एयरक्राफ्ट की आवाज़ को कम करने में काफी मदद मिलेगी। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं दी है कि इस तकनीक को कमर्शियल एयरक्राफ्ट में कब से दिया जाएगा।

No comments:
Post a Comment