जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Friday, 29 June 2018

जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही

हरदोई। जिला चिकित्सालय हरदोई के इमरजेंसी कक्ष में दांतों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जो पुलिस 24 घंटे जनता की सुरक्षा में तैनात रहती है, उसी की रक्षा में लापरवाही बरती गई है। हरदोई में बीती रात एक सड़क हादसे में घायल दारोगा स्ट्रेचर पर तड़पता रहा और डॉक्टर निजी मेडिकल में व्यस्त मामला हरदोई के जिला चिकित्सालय का है। बताया जा रहा है कि बिलग्राम कोतवाली में तैनात दारोगा चंद्रभान तिवारी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें साथी सिपाही सीधे जिला चिकित्सालय लेकर चले आए थे। यहां आने के बाद वह दारोगा को इमरजेंसी वार्ड में लेकर जाया गया और डॉक्टर से तुरन्त उनके इलाज के लिए कहा। बताया गया कि दारोगा की स्थिति देखते हुए उन्हें इलाज की तुरन्त जरूरत थी।पर चिकत्सक घायल दरोगा को अटेंड करने के बजाए प्राइवेट मेडिको लीगल ही बनाते रहे ।आरोप है कि वहां मौजूद चिकित्सक उस समय प्राइवेट मेडिको लीगल तैयार करने में लगे हुए थे। उन्होंने घायल दारोगा को देखने की भी कोशिश नहीं की। इस दौरान उनके साथ आए सिपाही लगभग घंटे भर तक चिकित्सक से दारोगा का इलाज शुरू करने के लिए कहते रहे, लेकिन वो प्राइवेट मेडिको लीगल तैयार करने में ही व्यस्त रहे। इस दौरान वहां पर हो रही लापरवाही का पूरा वाकया वीडियो में कैद कर लिया गया।थाना इंस्पेक्टर को चिकित्सक की लापरवाही देखते हुए सिपाही ने अपने इंस्पेक्टर बिलग्राम सत्येंद्र सिंह को फोन कर पूरी बात बताई। इसकी जानकारी लगते ही इंस्पेक्टर जिला चिकित्सालय पहुंच गए। सत्येंद्र सिंह ने अस्पताल आने के बाद चिकित्सक से लेकर एंबुलेंस ड्राइवर तक को खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि ‘हमारे दारोगा जी एक घंटे से वहां पड़े हैं और कोई देखने वाला नहीं है।’ इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह ने दबंगई के बल पर सरकारी एंबुलेंस से दारोगा को इलाज के लिए लखनऊ भिजवाया।इस मामले में डॉ. मनोज से बात हुई। उन्होंने कहा कि मेरी ड्यूटी 9 बजे थी। चार्ज लेते समय मुझे बताया गया कि यहां सब कुछ ठीक है। ये केस चंद्रभान तिवारी का था। उनके सिर में गंभीर चोट थी, इसलिए उन्हें मैंने सीटी स्कैन आदि के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रिफर कर दिया। चिकित्सक की लापरवाही और एंबुलेंस न बुलाने के मामले में उन्होंने कहा कि ‘हम थे नहीं इसलिए कुछ बेहतर नहीं बता सकते कि क्या हुआ था।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad