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Monday, 2 July 2018

बच्‍चों में तेजी से बढ़ रहे गुर्दे की पथरी के मामले

आजकल का खराब खान—पान ​जिम्मेदार है उन बीमारियों का जो पहले केवल बड़ों में सुनने में आती थी अब बच्‍चे भी तेजी से उसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। डॉक्‍टरों का कहना है कि अब 10 से 15 साल के बच्‍चों में गुर्दे की पथरी यानी किडनी स्टोन के केस काफी देखने को मिल रहे हैं। इसकी वजह यह है यूरिन में कुछ केमिकल जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं। कई बच्‍चों में तो सर्जरी करके ही पथरी को निकालना पड़ता है।

दिल्‍ली में सफदरजंग अस्‍पताल के यूरॉल्जिस्ट डॉक्‍टर अनूप कुमार ने बताया, ‘ केवल 7 साल के बच्चे के किडनी में स्‍टोन है। पथरी को लेकर उनकी फैमिली का भी कोई बैकग्राउंड नहीं है और न ही पाचन में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी। फिर भी न जाने क्‍यों यह बीमारी इतनी कॉमन होती जा रही है।’

किडनी में स्टोन की समस्या आजकल आम हो गई है। इसकी वजह खानपान की गलत आदतें होती हैं। जब नमक और अन्य खनिज (जो हमारे यूनिन में होते हैं) एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं या फिर किसी इन्फेक्शन के कारण यूरिन गाढ़ा हो जाता है तो किडनी के अंदर छोटे-छोटे पत्थर जैसे बन जाते हैं, जिन्हें गुर्दे की पथरी के रूप में जाना जाता है।

गुर्दे की पथरी अलग-अलग आकार की हो सकती है। आमतौर पर छोटी पथरी पेशाब के जरिए शरीर के बाहर निकल जाती है। लेकिन जब पथरी आकार में बड़ी हो जाती है तो वे बाहर नहीं निकल पाते हैं। इससे यूरिन करने के दौरान बहुत दर्द होता है। पथरी होने की कोई उम्र नहीं होती है, यह किसी भी उम्र में हो सकती है।

करेला वैसे तो बहुत कड़वा होता है लेकिन पथरी में यह रामबाण की तरह काम करता है। करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व होते हैं, जो पथरी बनने से रोकते हैं। पथरी के इलाज के लिए बथुए का साग भी कारगर होता है। आधा किलो बथुए के साग को उबाल कर छान लें। इस पानी में काली मिर्च, जीरा और सेंधा नमक मिलाकर चार बार पीने से फायदा होता है।

पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली नींबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतून का तेल मिला कर सेवन करने से आराम मिलता है। अन्नानास खाने और उसके जूस का नित्य सेवन करने से एक माह में ही पथरी गल कर निकल जाती है । बालम खीरा का सुबह शाम आधा गिलास रस निकाल कर उसका सेवन करने से 15 दिन में ही पथरी की समस्या ख़त्म हो जाती है ।

अगर आप पथरी की समस्या से ग्रस्त हैं तो सबसे पहले भरपूर मात्रा में पानी पीजिए। साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थ लेने से बचें जिसमें आयरन बहुत होता है, इससे समस्या जटिल हो सकती है।

अंगूर में एल्ब्यूमिन और सोडियम क्लोराइड बहुत ही कम मात्रा में होता हैं, इसलिए किडनी में स्टोन के उपचार के लिए अंगूर को बहुत ही उत्तम माना जाता है। 15 दाने बड़ी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है। आंवला पथरी में बहुत फायदा करता है। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है। पथरी की समस्या से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है। प्याज में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। 70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकाल कर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करें।

डॉक्टरों का कहना है कि एक दशक पहले तक केवल 5 से 10 फीसदी बच्‍चों में ही पथरी की समस्‍या होती थी, मगर अब यह आंकड़ा 20 फीसदी तक पहुंच चुका है। इंडियल स्‍पाइनल इंजरीज सेंटर में यूरॉलजी के एचओडी डॉक्‍टर विनीत नारंग ने बताया कि पथरी के छोटे-छोटे दाने यूरिन के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन बड़ी पथरी को सर्जरी करके ही निकाला जा सकता है। हमने हाल ही में 8 साल के बच्‍चे की सर्जरी करके पथरी निकाली है। उसकी किडनी में काफी बड़ा स्‍टोन था। इसके लिए हमें यूरेट्रास्‍कॉपिक सर्जरी का सहारा लेना पड़ा। इस तकनीक में ब्‍लैडर में एक छोटे आकार का स्‍कोप डालकर स्‍टोन को पहले ढूंढ़ा जाता है और फिर उसे निकाला जाता है।

डॉक्‍टर नारंग ने बताया कि उनके पास 15 साल से कम उम्र के कई बच्‍चों में किडनी के स्‍टोन के मामले आए हैं। उन्‍होंने बताया कि जब हम किडनी में स्‍टोन को लेकर अपना अध्‍ययन कर रहे थे तो हमसे कहा गया था कि अगर किसी बच्‍चे में यह बीमारी देखने को मिले तो पहले उसके मेटाबॉलिज्‍म डिस्‍ऑर्डर की जांच करें। आजकल मोटापा, डिहाइड्रेशन, अनहेल्‍थी डाइट और वातावरण में हो रहे बदलावों की व‍जह से बच्‍चों को किडनी में स्‍टोन की बीमारी हो रही है। अगर पूरे दुनिया भर में देखा जाए तो बच्‍चों में किडनी में स्‍टोन के मामलों में 10.6 फीसदी का इजाफा हुआ है।

सर गंगाराम अस्‍पताल के डॉक्‍टर अमरेंद्र पाठक ने बताया, ‘बच्‍चे आजकल जंक फूड बहुत पसंद करते हैं। जंक फूड में नमक और अन्‍य केमिकल्‍स की मात्रा बहुत ज्‍यादा होने के कारण यह धीरे-धीरे स्‍टोन के रूप में आ जाता है। नॉनवेज अधिक खाने की वज‍ह से भी यूरिक ऐसिड की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है, जो कि जमा होकर पथरी का रूप ले लेते हैं।’

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