लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां कहा कि इंसेफेलाइटिस की सबसे बड़ी वजह गंदगी और दूषित पेयजल है। इस बीमारी को स्वच्छता से ही समाप्त किया जा सकता है। स्वच्छता घर के भीतर ही न हो, इसे आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाए। योगी यह सोमवार को गोमती नगर विस्तार स्थित नगरीय प्रशिक्षण एवं शोध केंद्र व स्थानीय निकाय निदेशालय के लोकार्पण व स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि देश की इस वर्ष की स्वच्छता की जो रैंकिंग आई है, उसमें कुछ नगरों व निकायों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है, लेकिन अभी इसमें बहुत कुछ किया जाना है। योगी ने कहा कि पहले स्वच्छता की टॉप 100 रैंकिंग में प्रदेश का सिर्फ एक नगर निगम वाराणसी था, लेकिन इस बार संख्या बढ़ी है। गाजियाबाद ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके लिए मैं वहां की पूरी टीम को बधाई देता हूं। मैं उन सभी नगर निकायों को बधाई देता हूं जिन्होंने विभिन्न फोकस एरियाज को ध्यान में रखते हुए कुछ विशिष्ट करने का प्रयास किया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि प्रदेश के नगर निकायों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संकल्प लें। मुझे विश्वास है कि पुरस्कृत नगर निकायों से दूसरे नगर निकाय भी प्रेरणा लेंगे और स्वच्छता की रैंकिंग में आगे आएंगे।
योगी ने कहा कि यूपी के 653 नगर निकायों में 4.5 करोड़ से अधिक की आबादी निवास करती है। इतनी बड़ी आबादी के ट्रैफिक मैनेजमेंट और सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित करने के साथ-साथ नगर निकायों को देश में अच्छा स्थान दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अगर हम नियमित सफाई, ट्रैफिक मैनेजमेंट, फेरी नीति, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ठीक कर लें और लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कर लें तो आपका नगर निकाय आदर्श बन सकता है। अगर आप सभी अपने-अपने क्षेत्रों में एक-एक घंटा सुबह और शाम भ्रमण कर लें तो आप देखेंगे कि सुधार तेजी से होने लगेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में 72 लाख और शहरी क्षेत्रों में 5 लाख 35 हजार व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि मैं आप सभी का आह्वान करता हूं कि पूरे जनपद के लिए क्या कुछ किया जा सकता है, इसकी एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। हमें बेसलाइन सर्वे के अनुरूप ऐसे लोगों को व्यक्तिगत शौचलय उपलब्ध कराने हैं, जो अब तक इस सुविधा से वंचित रह गए हैं। आप सभी से मेरा आह्वान है कि स्वच्छता कार्यक्रमों में जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाए।
स्वच्छता की बात करते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश में एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं जिससे कार्बन उत्सर्जन तो कम हुआ ही साथ ही 110 करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक स्वच्छता मिशन को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा रहा है। इसको कड़ाई से प्रतिबंधित किया जाए। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, प्रदेश के कई अधिकारी, महापौर संयुक्ता भाटिया मौजूद रही।

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