
नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से अपील की है कि वह प्योंगयांग पर लगे प्रतिबंधों को हटवाने में मदद करें। जापान के एक अखबार ने दोनों देशों में मौजूद कई सूत्रों के हवाले से यह खबर छापी है। खबर के मुताबिक, बीते महीने चीन के अपने तीसरे दौरे पर किम ने शी से यह अपील की है और चीनी राष्ट्रपति ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
योम्युरी शिमबुन नाम के अखबार के मुताबिक, किम ने शी से कहा, ‘हम आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से काफी परेशानी महसूस कर रहे हैं। अब जब हमने अमेरिका-उत्तर कोरिया के बीच बैठक को सफल बनाया है, तो मैं चाहता हूं कि चीन प्रतिबंधों को जल्द हटवाने में मदद करे।’ चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा सहयोगी है। हाल के महीनों में शीतयुद्ध काल से सहयोगी रहे चीन और उत्तर कोरिया ने रिश्तों में आए तनाव को कम करने की कोशिश की है। प्योंगयांग के लगातार मिसाइल परीक्षणों के बाद चीन ने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को लागू कर दिया था।
किम ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए भी अपने आर्थिक सहयोगी और कूटनीतिक रक्षक चीन को ही चुना था। मार्च में किम ने पहली बार शी से मुलाकात की और फिर दोनों मई में भी मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, किम ने शी से कहा कि प्रतिबंधों की वजह से उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था अपंग हो चुकी है। इसके साथ ही किम ने परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर वॉशिंगटन के साथ हो रही वार्ता में भी चीन का समर्थन मांगा है।
चीन ने बीते साल यह संकेत दिए थे कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्योंगयांग के खिलाफ लगाए प्रतिबंधों में ढील दे सकता है। ऐसा भी माना जाता है कि किम ने चीन का तीसरा दौरा इसलिए किया था ताकि वह शी को आश्वस्त कर सकें कि वॉशिंगटन के साथ बैठक के बाद भी वह पेइचिंग के हितों को कभी नजरअंदाज नहीं करेगा। लेकिन पेइचिंग को यह चिंता सता रही है कि वॉशिंगटन और प्योंगयांग एक-दूसरे के करीब आ सकते हैं, जिससे उसकी सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को खतरा हो सकता है।

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