
लखनऊ। फतेहपुर में पेट के कीड़े मारने की दवा खाने से दो जुड़वा बहनों की मौत से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 15 दिन पहले सरकार ने प्रत्येक विद्यालयों में बच्चों को खिलाने के लिए एल्बेंडाजोल दवा भेजी थी। जिसके खाते ही बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के मंडराव गांव में दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। इस मामले में जिले के सीएमओ का दावा है कि एल्बेंडाजोल से बच्चों की मौत नहीं हो सकती।
बता दें कि मड़राव में रहने वाले सुधीर पाल की दो जुड़वां बच्चियां जिनकी उम्र 5 वर्ष थी और इनके नाम श्रेया और सृष्टि था। ये दोनों गांव के ही सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल की एलकेजी की छात्रा थीं। स्कूल द्वारा पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल खिलाई गई। इसके बाद देर शाम दोनों बहनों की हालत बिगड़ने लगी। हालत अधिक खराब हो गई तो परिजन आनन-फानन में उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल के लिए जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही दोनों बहनों ने दम तोड़ दिया।
दोनों बच्चियों की मौत होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक दोनों जुड़वा बहनों का एक बड़ा भाई शिवा और मां आरती देवी का भी रो-रो कर हाल बेहाल है। इनके पिता सुधीर मुंबई में रहकर ट्रक ड्राइवरी करते हैं। इस मामले में सीएमओ ए.के अग्रवाल का कहना है कि बच्चियों को एल्बेंडाजोल दवा स्कूल में खिलाई गई है लेकिन इस दवा से मौत नहीं हो सकती। फिलहाल गांव में टीम भेज दी गयी है।

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