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Monday, 29 October 2018

6200 वर्षों के बाद पुनः आया दीपावली पर्व पर हल्दी तथा वैजयंती का महायोग

राजा अश्वसेन के राज्य में प्रजा सुख मय जीवन व्यातीत करती थी कोई दुखी नही था सभी सुखी थे । चारों तरफ प्रजा राजा की जै जै कार करती थी। एक समय ऐसा आया राजा तुंगभद्र ने पचास लाख सैनिकों को लेकर राजा अश्वसेन पर चढ़ाई कर दी । अश्वसेन के राज्य में खून की नदियां बहने लगीं अश्वसेन की सारी सेना लड़ते-लडते समाप्त हो गयी ।

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राजा अश्वसेन अपनी बची हुई सेना तथा बची हुई प्रजा को लेकर राज्य छोड कर जंगल में जीवन व्यातीत करने पर मजबूर हो गये। कुछ दिन बाद राजा अश्वसेन के गुरु अजया नंद को पता चला की राजा अश्वसेन, राजा तुंगभद्र से हार कर वन में जीवन यापन कर रहे हैं। गुरु अजयानंद ने वन में राजा को ढूंढ कर पुनः राज्य वापस प्राप्त करने की युक्ति बताई।

 

राजा के साथ पांच सौ प्रजा तथा अठ्ठारह सौ सैनिक बचे थे जो राजा के साथ जंगल में रहते थे। गुरु अजया नंद ने राजा,प्रजा तथा सैनिकों की कुटिया में महामाया बगुलामुखी का यंत्र स्थापित किया और यज्ञ किया । माता बगलामुखी को गुरु अजय नंद ने तेईस सौ हल्दी की माला तथा तेईस सौ वैजयंती की माला समर्पित करके बगुला मुखी अनुष्ठान पूर्ण किया ।

हल्दी तथा वैजयंती की एक एक माला प्रजा तथा सैनिकों को पहना कर राजा तुंगभद्र से युद्ध करने युद्ध मैदान में भेज दिया ।तेईस दिन भीषण युद्ध चला राजा अश्वसेन की 500 प्रजा और 1800 सैनिक़ों ने राजा तुंग भद्र की सेना को छिन्न भिन्न कर दिया और राजा तुंगभद्र को तेईसवें दिन पराजित करके कारागार में डाल दिया। इस प्रकार राजा अश्वसेन को पुनः राज्य प्राप्त हुआ ।

वही महा योग इस वर्ष पुनः आया है। दीपावली पर्व के शुभ अवसर पर जब आप सिद्ध हल्दी की माला तथा सिद्ध वैजयंती की माला धारण करके अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं, दुश्मनों को पराजित करके अपना खोया सम्मान वापस पा सकते हैं । धन धान्य से सुखी हो सकते हैं।

महायोग का समय
इस समय आप धारण करें सिद्ध हल्दी की तथा सिद्ध वैजयंती की माला
दिनांक–29-10-2018 से दिनांक–18-11-2018 तक

सिद्ध बैजंती की माला

विवाह के लिए – विवाह बाधा हेतु-यदि किसी लड़का या लड़की के विवाह में लगातार बाधा आ रही है तो बैजंती माला धारण करें। और केले के पेड़ का पूजन करें। ऐसा करने से विवाह में आ रही हर प्रकार की बाधा दूर हो जाती है और जातक का शीघ्र विवाह सम्पन्न हो जाता है।

आकर्षण के लिए – श्रीकृष्ण को मोहन इसलिए भी कहा जाता है कि वे जहां जाते थे, सभी को मोह लेते थे। इसको धारण करने से शत्रु मित्रवत व्यवहार करने लगते है। बैजंती माला को धारण करने से सम्मान में वृद्धि होती है, कार्यो में सफलता मिलती है और मानसिक सुकून प्राप्त होता है।

सिद्ध वैजयंती माला की कीमत:— 1121 / रुपये

सिद्ध हल्दी की माला की कीमत :– 1121/रुपये

आचार्य पं.राम कृष्ण जी आचार्य डा.अजय दीक्षित जी
अयोध्या धाम

सम्पर्क सूत्र –
9559986789
9452335147

आर्डर करने के लिए :——–
WhatsApp पे मैसेज भेजें :— 9559986789

आचार्य, डा.अजय दीक्षित

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