मुंबई। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) ने भारत में गोल्डमैन सैक्स 10,000 वीमन का शैक्षणिक भागीदार बन गया है और अधिक महिला उद्यमियों तक पहुंचने के लिए इस प्रमाणित कार्यक्रम को विस्तारित करने की घोषणा की है।
10,000 वीमन एक वैश्विक पहल है, जो विश्वभर की महिला उद्यमियों को व्यवसाय, प्रबंधन की शिक्षा,संरक्षण और नेटवर्किंग और पूंजी तक पहुंच देकर आर्थिक वृद्धि पर केन्द्रित करता है। 10,000 वीमन की स्थापना इसलिए की गई है कि महिला उद्यमियों में निवेश करने से समुदाय सशक्त होंगे और देश की आर्थिक वृद्धि होगी। यह पहल अब तक 56 देशों की 10,000 से अधिक महिलाओं तक पहुंच चुकी है। इसके 30 से अधिक अग्रणी बिजनेस स्कूल और 100 शैक्षणिक तथा गैर-लाभकारी भागीदार हैं। वर्ष 2008 से भारत के 13 शहरों से लगभग 1,300 महिला उद्यमी 10,000 वीमन से ग्रेजुएट हुई हैं।
आईआईएम बैंगलोर का एनएसआरसीईएल का उद्यमिता संबंधी आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के समाधान पर केंद्र करने का समृद्ध इतिहास रहा है। इस संस्थान ने स्टार्ट-अप्स और प्राथमिक अवस्था के उपक्रमों के लिये शैक्षणिक और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, इनक्यूबेशन सेवाओं, संरक्षण सहयोग की पेशकश की है, जिनमें महिला उद्यमियों के लिये केंद्रित कार्यक्रम शामिल हैं। पिछले एक दशक में एनएसआरसीईएल ने अपने विविधतापूर्ण उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 9,000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है।
10,000 वीमन कार्यक्रम, जो महिला उद्यमियों को व्यवसाय वृद्धि का सर्वांगीण अभिगम प्रदान करता है। यह कार्यक्रम महिला उद्यमियों के व्यवसाय की दैनिक बाधाओं को समझता है और उनके समाधान के प्रभावी तरीके बताता है। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाएं रणनीति,वृद्धि योजना, फाइनेंस और अकाउंटिंग, व्यवसाय विकास, आदि का ज्ञान प्राप्त करती हैं। संरक्षकों और प्रोफसरों से मिलने वाले निरंतर फीडबैक से उन्हें कारोबार की दक्ष एवं क्रियान्वित करने योग्य वृद्धि योजनाओं को डिजाइन करने में मदद मिलती है। वैश्विक स्तर पर, 70 प्रतिशत स्नातकों ने उच्च राजस्व दर्ज किए हैं। लगभग 60 प्रतिशत ने रोजगार के अवसरों का निर्माण किया है।

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