50 प्रतिशत के कोटे में अन्य समुदाय के छात्र-छात्राओं का प्रवेश अनुमन्य नहीं : डा. अनिता भटनागर
लखनऊ। अल्पसंख्यक महाविद्यालयों द्वारा अपने स्तर से बीएड विषय में प्रत्येक सत्र में प्रवेश लेने वाले 50 प्रतिशत छात्रों की निर्धारित संख्या में प्रवेश लेने की व्यवस्था की गयी है, यह व्यवस्था इस आधार पर की गई थी, जिससे प्रबन्धतंत्र सम्बन्धित अल्पसंख्यक समुदाय, जिसके कल्याण के लिए महाविद्यालय स्थापित किया गया है, के छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर सके। यह संज्ञान में आया है इन 50 प्रतिशत सीटों के विपरीत अन्य समुदाय के छात्र/छात्राओं का प्रवेश महाविद्यालयों द्वारा लिया जा रहा है।
प्रदेश में अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले अल्पसंख्यक छात्रों के प्रवेश के सम्बन्ध में डा. अनिता भटनागर जैन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सम्बन्धित अल्पसंख्यक समुदाय जिसके कल्याण हेतु महाविद्यालय स्थापित हैं, उक्त व्यवस्था को एतदद्वारा संशोधित करते हुये यह व्यवस्था निर्धारित की जाती है कि उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के अनुसार घोषित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों में 50ः प्रबन्धकीय श्रेणी की सीटों पर अल्पसंख्यक समुदाय, जिसका कल्याण करना महाविद्यालय के बायलाज में उद्वेश्य बनाया गया है, का ही प्रवेश लिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिन प्रबन्धकीय श्रेणी की वर्णित 50 प्रतिशत सीटों में सम्बन्धित अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र/छात्राओं का प्रवेश प्रबन्धतंत्र द्वारा नहीं लिया जाता है, वह सीटें विश्वविद्यालय के विद्यमान प्राविधानों के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश की कार्यवाही की जायेगी न कि सम्बन्धित प्रबन्धतंत्र द्वारा स्वेच्छा के आधार पर सम्पादित की जायेंगी।
इस व्यवस्था का अनुपालन भविष्य में प्रवेश सुनिश्चित कराये जाने हेतु कुलसचिव सम्बन्धित विश्वविद्यालय, सम्बन्धित अल्पसंख्यक महाविद्यालय को अवगत कराते हुये तदनुसार ही सभी भविष्य के प्रवेशों हेतु सुनिश्चित करेंगे। इस व्यवस्था से कुल 21 अल्पसंख्यक महाविद्यालय आच्छादित होगें, जिसके अन्तर्गत- लखनऊ में 06, कानपुरनगर में 03, गोरखपुर 02, बागपत में 02, मुजफ्फरनगर में 02 व शाहजहांपुर, बिजनौर, आजमगढ़, आगरा, मेरठ, सहारनुपर में 01-01 महाविद्यालय आच्छादित हैं।

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