लखनऊ। राजधानी के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही ने 9 वर्षीय बच्ची को मौत के मुंह में ढकेल दिया। बच्ची शनिवार रात नौ बजे अपने निवास मोनीपुरवा से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिली तो परिजन ठाकुरगंज थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मदद करने के बजाए पीड़ितों से पैसे की मांग की और न देने पर गालियां देकर भगा दिया।
आज सुबह कुछ बच्चे मैच खेलने मैदान की ओर गए जहां बच्चों को पेड़ से लटका हुआ बच्ची का शव दिखायी दिया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण और डायल 100 की गाड़ी पहुंच गई। पुलिस के रवैये से नाराज लोगों ने पुलिस टीम का जमकर विरोध किया। हालात को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी विकास त्रिपाठी व दुर्गा प्रसाद तिवारी भी पहुंचे।
पीड़ित परिवार ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है। पुलिस के रवैये के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस ने समय पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की होती तो बच्ची की जान न जाती। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है।

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