पर्दे के बजाय आमने-सामने जुड़ना अच्छा है: कमल हासन
चेन्नई ब्यूरो से डॉक्टर आर.बी.चौधरी
चेन्नई (तमिलनाडु)। अभिनेता से राजनेता बने मक्कल नीडी माईम-“यमएनयम” केअध्यक्ष, कमल हासन ने अपनी एक साल पुरानी पार्टी के चुनावी कार्यक्रम को तेज कर दिया है और तमिलनाडु के आम आदमी से जोड़ने कालक्ष्य बनाया हैं। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि अगर कोई समान विचारधारा की पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो भी उनकी पार्टी तमिलनाडु और पांडिचेरी के कुल 40 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल कांग्रेस , अन्नाद्रमुक और द्रमुक से हाथ मिलाने के बारे मेंकोई निर्णय नहीं लिया है।
कमल हासन भाजपा के कई विचारों से अपनी असहमति जताते हुए कहा कि देश में धर्म निरपेक्ष वातावरण लाने वाली व्यवस्था होनी चाहिए किंतु आज मोदी सरकार इस मामले में तमाम आलोचनाओं की शिकार हो रही है। इससे देश में सहिष्णुता का वातावरण बन रहा है। किसी भी सरकार के लिए ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। तमिलनाडु में समय-समय पर जब भी राजनीतिक संकट पैदा होता हैं तो राज्य के विकास की चिंता बढ़ जाती है और आज की हालात कुछ इसी प्रकार की है।
कमल हासन ने बताया कि वह पिछले एक साल से राज्य के हर हिस्से में यात्रा कर लोगों से मिल रहे हैं। उन्हें जनता की दुख-दर्द का साझीदार बनना हमेशा बहुत अच्छा लगता है।राजनीतिक जीवन में वह सीधे लोगों से जुड़ रहे हैं। उन्हें बहुत सम्मान मिल रहा है।इसलिए संपर्क अभियान को उन्होंने अपने प्रचार का माध्यम बनाया है। उनका मानना है कि सभा आयोजन में तमाम परेशानियां पैदा की जाएंगी। इससे वह अपने वाहन से घूम – घूम कर प्रचार करेंगे ।कमल हासन के अनुसार उनके जनसंपर्क कार्यक्रम को कई पार्टियां नकल कर रही हैं।इस अभियान में उनके साथ युवाओं के साथ सभी उम्र के लोगों की भीड़ उमड़ रही है। वह मानते हैं कि देश का नेतृत्व की युवा पीढ़ी के हाथ में होना चाहिए।
कमल हसन नेअपनी फिल्मी दुनिया का हवाला देते हुए बताया कि बचपन से मैं लोगों से मिलता रहा हूं। सिर्फ पर्दे पर किरदार की भूमिका निभाते हुए जो लोग मुझे देखते थे ,वह आज आमने – सामने पाकर फूले नहीं समाते। मेरे जनसंपर्क अभियान की यह सबसे बड़ी खूबी है। बहुत बड़ा बल मिल रहा है।गठबंधन पर सवाल पूछे जाने पर बताया कि यदि मुझे सही अवसर पर सही साथ मिला तो इसका फायदा अवश्य उठाऊंगा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी पार्टी के साथ शेयरिंग के लिए उन्हें कोई एतराज नहीं है ,बशर्ते उनकी पार्टी के विचारों से तालमेल बैठे क्योंकि वह जनता के आंखों में धूल झोंकने वाली चलन से सख्त नफरत करते हैं।
कमल हासन ने अन्नाद्रमुक को एक कमजोर पार्टी बताया और कहां कि द्रमुक की छवि साफ-सुथरी नहीं बताई जा सकती है। भाजपा मे सिर्फ मोदी को की सराहना करते हुए उन्हें एक पर्सनालिटी और रजनीकांत तथा विजय जैसे तमिल अभिनेताओं की राजनीति में प्रवेश को उन्होंने नई इंट्री बताया।

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