लखनऊ। ढेरों कवायदों के बाद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्वलय केजीएमयू के आईटी सेल से जुड़े कर्मचारी बेलागाम होते जा रहे हैं। केजीएमयू प्रशासन इन कर्मचारियों के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है। आये दिन मरीजों व उनके तीमारदारों से झगड़ा कर लेना,गाली दे देना ,उन्हें पीट देना अब आम बात होती जा रही है। मरीज अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


ऐसा ही एक मामला एक बार फिर देखने को मिला है जहां गुरूवार को काकोरी से एक युवक अपनी मां को दिखाने केजीएमयू के ओपीडी में बने कैंसर विभाग पहुंचा था, जहां कर्मचारियों ने मिलकर कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला और उसके पुत्र को बेरहमी से पीटा । वहीं कर्मचारियों द्वारा बुजुर्ग महिला और उसके बेटे के साथ मारपीट देख कैंसर विभाग के ओपीडी में लोगों का मजमा इकट्ठा हो गया । जिसके बाद ही बुजुर्ग महिला और उसके बेटे को बचाने के लिए बीच बचाव करने आये लोगों से भी कर्मचारियों ने मारपीट शुरू कर दी ।
केजीएमयू का मामला कुछ इस प्रकार है कि काकोरी से आई कैंसर पीड़ित महिला मरीज कान्ति देवी स्व. सीताराम काकोरी निवासी जोकि चलने में असमर्थ थी। जिसने ओपीडी भवन के भू तल पर बने स्टाफ का शौचालय इस्तेमाल कर लिया । जिससे आक्रोश में आकर ओपीडी के कर्मचारी ने आकर बुजुर्ग महिला से अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा जिसका उसके बेटे ने विरोध किया तो उसके साथ वहां मौजूद लगभग 10 से 15 कर्मचारियों ने मारपीट शुरू कर दी । जिसकी जानकारी जब अस्पताल प्रशासन से मांगी गई तो इस घटना से इनकार किया गया । जिसके बाद ही वीडियो वायरल होने के बाद ही केजीएमयू के डॉक्टर ने इस घटना की जानकारी करने और जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है ।
केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर
डॉक्टर राम अवध सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस घटना की जानकारी प्राप्त हुई है और अगर इस तरह की अस्पताल में घटना हुई है जो निंदनीय है । अस्पताल में मरीज अपना इलाज कराने आता है और उसके साथ अगर अस्पताल के कर्मचारी मारपीट करते हैं ये बात गलत है । साथ ही कहा कि जो कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला और इसके बेटे के साथ हुई मारपीट की घटना की जांच कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ अस्पताल की तरफ से कार्रवाई की जाएगी ।

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