राजनीति से कोई भी वर्ग, समुदाय या क्षेत्र अछूता नहीं रह गया है। यह भी देखने को मिला है कि गैर राजनीतिक क्षेत्र से आए लोगों ने इस क्षेत्र में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करायी है। कुछ ऐसे ही अंदाज में अब एक बार फिर से भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार रवि किशन 2019 के लोस चुनाव मैदान में हैं। पहले कांग्रेस से लडे और पहली हार मिली और अब दल बदला तो संसदीय क्षेत्र भी बदला। क्षेत्र वह मिला जिसका लम्बे समय तक सदन में प्रतिनिधित्व सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ करते आ रहे थे। रवि किशन ऊर्जा से लबरेज तो हैं, मगर हाई प्रोफाइल सीट का प्रेशर भी दिख रहा है। कुछ ऐसे ही सवालों को लेकर उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया।
लखनऊ।
प्रश्न-किन मुद्दों के साथ जनता के बीच उतरेंगे?
उत्तर-मोदी और योगी जी के विकास कार्यों को लेकर जन-जन के बीच उतरेंगे। गोरखपुर में घर-घर जाईब और मांगे खाईब।
प्रश्न-पहला चुनाव जौनपुर से अब गोरखपुर से क्यों?
उत्तर-हां ये सही है कि मैं जौनपुर जनपद का मूल निवासी हूं और मेरा गांव जिले के केराकत विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है और पहला चुनाव मैने कांगे्रस के टिकट पर यहीं से लड़ा था। वो मेरी भूल थी और अब मैं प्रधानमंत्री मोदी का चौकीदार हूं…जहां से पार्टी ने आदेश किया वहां से चुनाव लड़ने चल पड़ा हूं…हम त पहले इहै चाहत रहली कि जौनपुर या भदोही से टिकट मिले, मगर अइसन ना हो सकल।
प्रश्न-सीएम योगी के रहते गोरखपुर उपचुनाव हारे थे, ऐसे में रिस्क तो रहेगा इस पर कुछ सोचा है?
उत्तर-: उस दौरान कार्यकर्ताओं को तरीके से व्यवस्थित और संगठित नहीं किया जा सका था, पर अब ऐसा नहीं है। एक कार्यकर्ता के भांति काम करूंगा और सभी जातियों को जोड़कर चलूंगा।
प्रश्न-गठबंधन लड़ाई में है, क्या यह मानते हैं?
उत्तर-गठबंधन की हवा निकल जायेगी, क्योंकि यह चुनाव प्रधानमंत्री का है और उनके नाम पर ही लड़ा जा रहा है।
प्रश्न-प्रियंका का यूपी के चुनाव पर कितना असर पड़ेगा?
उत्तर-राजनीति में आने के लिये प्रियंका गांधी वाड्रा का यह सही समय नहीं था। यूपी के चुनाव में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रश्न-यूपी में कितनी सीटों की उम्मीद है?
उत्तर-नि:संदेह 73 प्लस से कम सीटें नहीं मिलेंगी। ऐतिहासिक जीत पीएम मोदी की अगुवाई में यूपी में मिलेगा।
प्र्रश्न-पूर्वांचल अभी भी काफी पिछड़ा है, क्या करेंगे?
उत्तर-हां ये सही है। मगर अब काम तेजी से शुरू हुआ है, जो मेरे गांव तक की जो सड़क बीते 70 सालों में नहीं बनी वो इस सरकार के कार्यकाल में बनी। पूर्वांचल के भी दिन बहुरेंगे और लोगों को विकास कार्य देखने को मिलेगा।
प्रश्न-भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का लाभ कैसे पूर्वांचल को मिलेगा?
उत्तर-भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की एक यूनिट गोरखपुर में स्थापित करने की योजना है जिससे यहां के तमाम स्थानीय कलाकारों को काम और रोजगार मिलेगा। जब ऐसा होगा तो कोई बाहर प्रदेश काम ढूंढने क्यों जायेगा।
प्रश्न-अखिलेश के खिलाफ निरहुआ, बेमेल की लड़ाई है क्या कहेंगे?
उत्तर-आजमगढ़ का तख्ता पलट होगा। निरहुआ का काफी जबरदस्त के्रज वहां के युवाओं के बीच है और फिर वो वहां के स्थानीय और युवा हैं। वहां के परिणाम अप्रत्याशित आयेंगे।

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