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Friday, 26 April 2019

मारुति सुजुकी ने किया डीजल कार न बनाने का फैसला, ये है कारण

डीजल कारों का भारत में बड़ा बाजार है। पेट्रोल की अधिक कीमतों को देखते हुए लोग डीजल कारों को लोग ज्यादा तवज्जो भी देते हैं। हिंदुस्तान में डीजल कारों के 51 फीसदी बाजार पर देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी का कब्जा है, लेकिन कंपनी अगले साल अप्रैल से डीजल गाड़ियां बनाना बंद कर देगी। इसकी बड़ी वजह है अगले साल से लागू होने वाले BS6 एमिशन नॉर्म्स, क्योंकि इससे जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट काफी ज्यादा है। यानी, डीजल इंजन को BS-VI नॉर्म्स के मुताबिक अपग्रेड करने में काफी लागत आती है। मारुति सुजुकी ने 2018-19 में करीब 4 लाख डीजल गाड़ियां (कुल घरेलू बिक्री का 23 फीसदी) बेची हैं। आइए हम आपको बताते हैं डीजल कारों से जुड़ी 10 बड़ी बातें।

1- सबसे पहले मारुति जेन में डीजल इंजन
मारुति सुजुकी दो दशक पहले अपनी कारों में डीजल इंजन लेकर आई थी। मारुति जेन (ZEN) में सबसे पहले 1998 में डीजल इंजन आया था।

2- अभी 8 मॉडल में डीजल इंजन
कंपनी अपने 8 मॉडल में डीजल इंजन ऑफर करती है। इनमें से दो (Brezza और S-Cross SUV) केवल डीजल में हैं, इनका कोई पेट्रोल वेरियंट नहीं है।

3- कुछ कारों में डीजल-पेट्रोल इंजन
स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर, अर्टिगा MPV, सियाज सेडान और लाइट-कमर्शल वीइकल सुपर कैरी पेट्रोल और डीजल दोनों ऑप्शन में आ रही हैं।

4- डीजल कार बंद करने का ऐलान
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने डीजल कारों के फ्यूचर के बारे में कहा, ‘अगले साल अप्रैल से मारुति के पास सेल के लिए कोई डीजल कार नहीं होगी। जिन लोगों को डीजल कारों से प्यार है, उन्हें अभी ये कार खरीद लेनी चाहिए। यह उनके लिए आखिरी मौका है।’

5- दिसंबर से ही हो सकता है प्रॉडक्शन बंद
कंपनी 2019 के आखिर तक डीजल वेरियंट्स का प्रॉडक्शन बंद कर सकती है, क्योंकि अप्रैल 2020 से नए और सख्त BS-VI नॉर्म्स लागू होने के बाद पुराना/बचा हुआ स्टॉक बेचने की इजाजत नहीं होगी।

6- डीजल से इसलिए घटा प्यार
छोटी कारों में BS-VI नॉर्म्स के मुताबिक डीजल इंजन को अपग्रेड करने का खर्च काफी ज्यादा है। भार्गव के मुताबिक, कीमत में बढ़ोतरी के बाद डीजल इंजन वाली कारें ग्राहकों के लिए व्यवहारिक नहीं रह जाएंगी।

7- डीजल कार का नहीं दिख रहा फ्यूचर
पिछले कुछ सालों से डीजल कारों का मार्केट लगातार घट रहा है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का अंतर कम हो रहा है। साथ ही, डीजल कारों के फ्यूचर को लेकर अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। डीजल वेरियंट्स, पेट्रोल के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगे भी हैं।

8- मारुति के फैसले से ऑटो सेक्टर में हलचल
मारुति सुजुकी के इस फैसले के बाद दूसरी ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपनी योजनाओं पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। मौजूदा समय में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और टोयोटा को डीजल मॉडल्स से बड़ा वॉल्यूम मिल रहा है। Hyundai भी इस कैटगरी को बढ़ा रही है।

9- CNG पर फोकस करेगी मारुति
मारुति सुजुकी, डीजल कारों की भरपाई के लिए कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और हाइब्रिड टेक्नॉलजी से चलने वाली कारों पर अपना फोकस बढ़ाने की कोशिश करेगी।

10- SUV/UV में डीजल वेरियंट्स का दबदबा
वित्त वर्ष 2018-19 में देश में बिकीं कुल कारों में डीजल मॉडल्स की हिस्सेदारी 19 फीसदी थी, जो कि 2012-13 में 47 फीसदी के करीब रही। हालांकि, SUV/UV सेगमेंट में अब भी डीजल वेरियंट्स का दबदबा है।

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