प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से बातचीत
लखनऊ।
2019 लोकसभा चुनाव का तीसरा चरण संपन्न होने के साथ ही अगले चार चरणों के लिए एक ओर जहां सभी राजनीतिक दलों के बीच जोर-आजमाइश बढ़ती जा रही है तो वहीं पूरे चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अगर यूपी की बात करें तो यहां के चुनाव आयोग के टीम पर कहीं न कहीं अधिक दायित्वों का भार इसलिए रहता है क्योंकि अन्य राज्यों की अपेक्षा सबसे अधिक लोकसभा सीटें इसी प्रदेश में हैं। अब तक कुल 543 में से 302 सीटों पर चुनाव हो चुका है और अगले चार चरणों में बाकी सीटों पर मतदान होना है। लोस चुनाव की जमीनी तैयारियों व मॉनीटरिंग व्यवस्था को लेकर प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीडीआर तिवारी से तरुणमित्र के वरिष्ठ संवाददाता रवि गुप्ता ने खुलकर बात की और उन्होंने काफी बेबाकी से हर सवाल का जवाब दिया…प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश।
प्रश्न-: चौथे चरण के चुनाव के लिए आपकी निर्वाचन टीम कितनी तैयार है?
ेउत्तर-:29 अप्रैल को चौथे चरण का चुनाव है जिसमें प्रदेश के 18 जिलों की लोस सीटों पर मतदान होना है। प्रेक्षकों के साथ गहन समीक्षा की जा रही है, कोई गड़बड़ी नहीं होने पायेगी।
प्रश्न-: ईवीएम मशीनों के खराबी की शिकायतें आ रही हैं, इससे कैसे निपटेंगे?
उत्तर-:आगरा के एक बूथ पर ऐसी तकनीकी दिक्कत आयी थी, क्लोज बटन खराब था जिसे तुरंत बदला गया। मशीनों की खराबी की वजह से लोस चुनाव कभी भी प्रभावित नहीं होगा। वीवीपैट, वीओ या ईओ जो भी जरूरी संसाधन हैं हम आवश्यकता से पांच-सात फीसद अधिक ही स्टोर करते हैं ताकि मौके पर क्रियान्वयन में कोई परेशानी न हो।
प्रश्न-:चुनावी प्रशिक्षण की कमी दिख रही है, कर्मचारी कैसे कर रहें?
उत्तर-:चुनावी प्रशिक्षण का क्रम लगातार चल रहा है। तीसरे राउंड की टेनिंग पूरी हो चुकी है। सेक्टर, जोनल व मजिस्टेÑट स्तर पर जिलेवार भी टेनिंग की व्यवस्था की गई है। कहीं थोड़ी कमी है तो उसे तुरंत मॉनीटर किया जा रहा।
प्रश्न-:बडे नेता भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, क्या कार्रवाई कर रहें?
उत्तर-:छोटे या बडेÞ नेता का मतलब नहीं है, जो भी इसका उल्लंघन करेगा नियमत: कार्रवाई तो की ही जायेगी। विभिन्न मीडिया माध्यमों से ऐसे जो भी प्रकरण सामने आते हैं, उनकी सत्यता को परखा जाता है। ऐसे ही आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी गौर किया जाता है। गंभीर मामला रहता है तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाता है।
प्रश्न-:अघोषित कैश के धरपकड़ का आंकड़ा बीते चुनाव से अधिक है कैसे कंट्रोल कर रहें?
उत्तर-:देश में चुनावी माहौल चल रहा है, धनबल या बाहुबल हावी न होने पाये ऐसे में 50 हजार कैश साथा रखने या ले चलने की सीमा तय की गई है। इससे ऊपर जो भी कैश है, उसके सही दस्तावेज दिखा दिये जाये तो कोई दिक्कत नहीं।
प्रश्न-:चुनावी माहौल में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नकेल कैसे लगा रहें?
ेउत्तर-:अभी 11 प्रत्याशी ऐसे पाये गये जो चुनाव भी लड़ रहे थे और प्रचार पाबंदी के बावजूद मतदान से 48 घंटे पूर्व सोशल प्लेटफार्म पर अपना प्रचार-प्रसार करते पाये गये। उसे बैन किया गया और उन्हें नोटिस भेजी गई है। हमारी एक स्पेशल टीम की पैनी नजर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगातार बना रहता है।
प्रश्न-:वोटर को कोई समस्या आये तो वो कहां और कैसे संपर्क करे?
ेउत्तर-: चुनाव आयोग ने 1950 टोल फ्री नंबर जारी किया है जिस पर वोटर अपने मतदान या इससे जुड़ी किसी भी समस्या से अवगत करा सकता है। ‘सी व्हिसिल’नामक हमारा एक ऐप है जिसे डाउनलोड कर आॅनलाइन भी बता सकता है। इसके अलावा एनजीएसपी (नेशनल ग्रीवांस सर्विसेज पोर्टल)पर भी अपनी समस्या को दर्ज करा सकता है जिस पर त्वरित कार्रवाई होती है।

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