एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के पहले दिन भारत ने अच्छी शुरुआत की है। पहले भारत ने पांच पदक जीते हैं। महिला भाला फेंक एथलीट अनु रानी और 5000 मीटर रेस की धाविका पारुल चौधरी ने 23वीं एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भारत के लिए प्रतियोगिता में पदकों का खाता खोल दिया है। 2014 की एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनु ने 60.22 मीटर का थ्रो फेंककर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और रजत पदक जीता। अनु ने अपने पहले ही प्रयास में 60.22 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
अनु ने दूसरे प्रयास में 58.86 मीटर का थ्रो फेका। आपको बता दें कि उन्होंने इससे पहले भुवनेश्वर में हुई 2017 के एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 57.32 मीटर का थ्रो फेंककर कांस्य पदक जीता था। चीन की हुईहुई लियू ने 65.83 मीटर का थ्रो फ्रेंककर इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत की शर्मिला कुमारी 54.48 मीटर के थ्रो के साथ सातवें नंबर पर रही।
पारूल का जलवा-
अनु के अलावा पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में दूसरा पदक डाल दिया। 23 वर्षीय दुती ने खलीफा स्टेडियम में 11.28 सेकेंड के समय के साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और 100 मीटर की रेस के राउंड-1 की हीट-4 रेस जीती। उन्होंने इसके साथ ही 11.29 सेकेंड का अपना पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो उन्होंने पिछले साल गुवाहाटी में बनाया था।
हिमा दास कमर में चोट के चलते महिलाओं की 400 मीटर रेस को पूरा नहीं कर पायीं और इसी तरह एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता हिमा रेस के बीच से ही बाहर हो गईं। साथ ही पुरुषों के 800 मीटर दौड़ में जिंसन जॉनसन 1: 53.43 मिनट का समय निकालकर सेमीफाइनल में पहुंचे तो वहीं कतर के जमाल हेयरेन के बाद दूसरे नंबर पर रहे। पुरुषों के ही 400 मीटर रेस में मोहम्मद अनस ने 46.36 सेकेंड के समय के साथ तीसरे नंबर पर रहकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया।

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