फतेहपुर। फतेहपुर संसदीय सीट पर केंद्रीय मन्त्री साध्वी निरंजन ज्योति का अस्तित्व दाँव पर है! पिछले पाँच सालों में उनका कद दिन दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ा किन्तु जनमानस की अपेक्षाओ में काफी हद तक खरी नहीं उतर पाई! इंवेस्टर्स समिट की बड़ी उपलब्धि का लाख ढिंढोरा पीटे जाने और प्रशासन द्वारा गम्भीरता दिखाये जाने के बावजूद “सरैला प्रोजेक्ट” का हवा हवाई साबित होना मोदी मैजिक के साथ साथ साध्वी मैथड़ में बड़ी गड़बड़ी का परिचायक है!
पिछले चुनाव में भाजपा ने फतेहपुर लोकसभा सीट पर हमीरपुर विधायक साध्वी निरंजन ज्योति को टिकट दिया था, और उन्हें बड़ी जीत भी नसीब हुई, इस दरमियान साध्वी सांसद तो बनी ही साथ ही केंद्र में मंत्री भी बनी। मोदी सरकार साध्वी का अपना अलग कद है, मान है प्रतिष्ठा है और उनके प्रभावी व्यक्तित्व के चलते ही भाजपा की स्टार प्रचारको की फेहरिस्त में भी शामिल किया गया और इलाहाबाद कुम्भ के दौरान वे निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर भी बन गई है। इसका अभिप्राय यह हुआ कि इस संसदीय चुनाव में भाजपा ने केन्द्रीय मन्त्री के साथ साथ महामंडलेश्वर साध्वी को टिकट दिया है।
जानकर इस बड़े कद के साथ साध्वी को अतिरिक्त दबाव में होने की बात कहते है, क्योंकि चुनावी बिसात के अन्य खिलाड़ियों में देखा जाये तो सिर्फ साध्वी के पास ही बहुत कुछ खोने को है! बाकी के दोनो की गाड़ी तो फिलहाल बे-पटरी है ही, उनके पास खोने को कुछ है ही नहीं! इस चुनाव में मोदी मैजिक की भी वास्तविक परीक्षा होगी! निःसन्देह इन पाँच वर्षों में साध्वी निर्विवाद रही किन्तु उपलब्धियाँ कुछ-एक बस! जिसकी केन्द्र व प्रदेश में सरकार हो और पार्टी के जनप्रतिनिधियो का भरा-पूरा कुनबा उसका दामन लगभग खाली अपने आप में बड़ी बात है!
पिछले चुनाव में साध्वी द्वारा किये गये वायदे इस बार भी वही पर खड़े है! न फतेहपुर शहर में सीवर लाइन की आधारशिला रख पाई, न शादीपुर रेलवे नाका पर भूमिगत पुल निर्माण की आस पूरी हो पाई! गाजीपुर से विजयपुर तक मार्ग निर्माण मसले का डीपीआर तक शासन ने नहीं लिया! चार किलो मीटर लम्बे असोथर से कठौता मार्ग की जर्जर हालत का अब तक विभाग ने संज्ञान तक नहीं लिया, खूब हो-हल्ला के बाद भी सरैला का रेल पार्क मामला टाँय-टाँय फिस्स हो जाना छोटी बात नहीं है! यमुना के तीन-तीन पुलों की निर्माण प्रक्रिया ही रुक जाना सोचनीय विषय है! दर्जन भर के करीब अन्य छोटे-बड़े महत्वपूर्ण वायदों पर ध्यान न जाना कही न कही संशय उत्पन्न करता है!
बात बड़ी योजनाओं की निगाहबानी की हो तो यहाँ भी निहायत कोताही बरते जाने का हवाला मिलता है! चार साल से फतेहपुर शहर में नाले का निर्माण अभी भी कच्छप गति से ही हो रहा है! जिसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, वह है मेडिकल कालेज, बड़ा मामला है क्योंकि अभी तक एक भी ईंट नहीं रखी जा सकी है हाँ इतना जरूर है सीएम शिलान्यास कर गये है! और बड़ी बात कि मेडिकल कालेज का निर्माण “कताई मिल” के कब्र पर हो रहा है! अरे जब अपनी निधि की निगाहबानी नहीं हो पाई तो दूसरों की उम्मीद भी बेमानी लगती है! ये सब भी साध्वी की समस्याएँ कही न कही बढ़ायेंगे! वैसे उपरोक्त संदर्भो में भाजपाई ही कहते है कि वास्तव में साध्वी जी यहाँ से चुनाव लड़ना ही नहीं चाहती थी, इसलिये बड़े मामलों को भी हल्के में ही लिया, अन्यथा इतने सवाल उठते ही नहीं!
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Monday, 22 April 2019
फतेहपुर संसदीय सीट पर केंद्रीय मन्त्री साध्वी निरंजन ज्योति का अस्तित्व दाँव पर!
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