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Thursday, 25 April 2019

गर्भधारण करने से पहले धूम्रपान छोड़ना है जरूरी

गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान नकारात्मक स्वास्थ्य परिणामों से जुड़ा हुआ है। अनुसंधान से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान बंद करने से समय से पहले जन्म का खतरा कम हो सकता है। जामा नेटवर्क ओपन जर्नल में प्रकाशित निष्कर्षों से पता चला है कि गर्भावस्था से पहले धूम्रपान बंद करने से समय-पूर्व जन्म की संभावना करीब 20 प्रतिषत कम हो गयी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि हर साल, विश्व भर में समय से पहले जन्म लेने वाले 10 शिशुओं में से लगभग 1.5 करोड़ बच्चे समय से पहले पैदा होते हैं। 184 देशों में समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं की दर 5 से 18 प्रतिषत तक होती है। भारत में, यह आंकड़ा हर साल पैदा होने वाले 2.7 करोड़ शिशुओं में से 35 लाख शिशुओं का है।

इस बारे में बात करते हुए, पद्म श्री अवार्डी, एचसीएफआई के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने कहा, “समय से पहले जन्म तब कहलाता है, जब शिशु गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले ही जन्म ले लेता है। एक सामान्य गर्भावस्था आमतौर पर लगभग 40 सप्ताह तक रहती है। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे के गर्भ में विकसित होने के लिए कम समय होता है और अक्सर जटिल चिकित्सा समस्याएं होती हैं। कई प्री-टर्म बच्चे जो जीवित रह जाते हैं, वे विभिन्न प्रकार की विकलांगताओं जैसे मस्तिष्क पक्षाघात, सीखने की अक्षमता और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। रुग्णता अक्सर बाद के जीवन तक चलती है, जिससे व्यक्ति और परिवार को शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक कष्ट होता है।“

अपरिपक्व बच्चे आकार में छोटे होते हैं, देखने में तेज होते हैं और उनका सिर असमान रूप से बड़ा होता है, जो पूर्ण शिशु की तुलना में कम गोलाकार होता है, शरीर के बहुत से हिस्सों पर बाल होते हैं और शरीर का तापमान कम होता है। सांस लेने में तकलीफ और चूसने व निगलने में सजगता की कमी अन्य संकेत हैं।

डॉ. अग्रवाल, जो आईजेसीपी के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ भी हैं, ने आगे कहा, “जबकि समय-पूर्व जन्मों के लिए किसी एक कारण विशेष को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन इसके जोखिम कारकों में गर्भावस्था के समय उम्र, पहले कभी समय-पूर्व जन्म, कई गर्भधारण, संक्रमण और पुरानी स्थिति जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप, तनाव, आनुवांशिक कारक और पोषण संबंधी विकार शामिल हैं। जीवनशैली समय से पूर्व प्रसव के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनती जा रही है। जोखिम कारकों की पहचान करना और गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व देखभाल के दौरान संकेतों व लक्षणों के बारे में शिक्षित करना समय-पूर्व जन्मों को रोक सकता है।“

सुझाव- 1. प्रसव पूर्व देखभाल में चूक न करें: यह किसी भी प्रसव पीड़ा को रोकने और संकेतों की पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका है। डॉक्टर को यह सलाह देने में सक्षम होना चाहिए कि सही आहार क्या हो, आदर्श वजन क्या है, और बच्चे के लिए क्या-क्या चीज हानिकारक हो सकती है। 2. अपने जोखिम को समझें: कुछ महिलाओं को जल्दी प्रसव होने का खतरा अधिक होता है। यह उन लोगों के लिए कठिन है, जिनका पहले से प्रसव हुआ है, जो धूम्रपान करती हैं या अल्कोहल लेती हैं, पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं आदि। इन चीजों को समझने से आपको बेहतर तरीके से स्थिति का सामना करने में मदद मिल सकती है। 3. अपने वजन पर निगाह रखें: आपके शरीर के प्रकार और बच्चे के लिए कितना वजन होना चाहिए, इसका ध्यान रखना है। बहुत अधिक वजन बढ़ने से गर्भावधि मधुमेह और प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। अनुशंसित वजन के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और तदनुसार भोजन करें। अपने डॉक्टर से स्वस्थ व्यायाम योजना के बारे में पूछें। 4. सही एवं पौष्टिक आहार का सेवन करें: यह भ्रूण के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। साबुत गेहूं के कार्ब्स, प्रोटीन और डेयरी के स्वस्थ स्रोत और फलों व सब्जियों की बहुतायत महत्वपूर्ण है। तंबाकू, शराब और अन्य गैर-निर्धारित दवाओं से बचें।

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