नियमित टीकाकरण कम्युनिकेशन पर कार्यशाला सम्पन्न

लखनऊ। नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए प्रभावी संचार माध्यमों का प्रयोग करना बेहद जरूरी है,यह बात शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र अग्रवाल ने अपने कार्यालय के सभागार में नियमित टीकाकरण के संबंध में यूनिसेफ द्वारा आयोजित कम्युनिकेशन कार्यशाला का उद्घाटन के दौरान कही। इस कार्यशाला में यूनिसेफ़ द्वारा ग्रामीणक्षेत्रों के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों तथा नियमित टीकाकरण के नोडल अधिकारियों के लिए आयोजित की गई थी।
21 प्रतिशत के गैप को भरना जरूरी
डॉ नरेंद्र अग्रवाल कहा कि भारत में फुल इम्यूनाइजेशन अभी भी लगभग 79 प्रतिशत है, 21 प्रतिशत के गैप को भरना बहुत जरुरी है। टीकाकरण से बच्चों के छूटने का प्रमुख कारण अभिभावकों में जानकारी का अभाव तथा सूचना ना मिलना है ।एक अन्य कारण टीको के प्रतिकूल प्रभाव एई एफ आई का डर भी है जिसे बेहतर संचार के द्वारा दूर किया जा सकता है।
टीकाकरण को 100% करने केलिए करना होगा यह
डॉ एमके सिंह ने कहा कि नियमित टीकाकरण को 100% करने के लिए कोल्ड चैन, लेबर रूम, होम बेस्ड न्यू बोर्न केयर ,मातृ स्वास्थ्य निमोनिया तथा डायरिया नियंत्रण तथा पोषण एवं बाल स्वास्थ्य पोषण माह पर ध्यान देना और उसे सुदृढ़ करना बेहद जरूरी है, जिसके लिए एसएम नेट का प्रयोग करना चाहिए ।
समुदाय की भागीदारी को बनाना जरूरी—डॉ संदीप
यूनिसेफ के डॉक्टर संदीप शाही ने बताया कि एसएम नेट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है जो समुदाय को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सूचना ,शिक्षा तथा संचार के द्वारा प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय की भागीदारी को बनाना बहुत जरूरी है जिसके लिए जनता ,निजी तथा स्वयं सेवी संस्थाओं की भागीदारी होना आवश्यक है।
यह उपस्थित रहें।
इस कार्यशाला के दौरान डॉक्टर सौरभ अग्रवाल, डॉक्टर शिवा अग्रवाल, ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहें।

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