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Wednesday, 17 April 2019

डायबिटीज ही नहीं बल्कि मोटापे का भी दुश्मन है सत्तू, जानें इसके और भी फायदे

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही लोगों को अच्छे हेल्थ ड्रिंक नजर आने लगते है। और ऐसे में देशी स्वास्थ्य ड्रिंक सतु लोगों को काफी पसंद आते है। बिहार और उत्तरप्रदेश का देशी व्यंजन सत्तू न सिर्फ खाने में टेस्टी होता है बल्कि आपके कई रोगों को ठीक करने के लिए वो डॉक्टर का काम भी करता है। सत्तू का सेवन करने से न सिर्फ मधुमेह जैसे रोग ठीक हो जाते हैं बल्कि व्यक्ति को मोटापे से भी निजात मिलती है। सत्तू भूने हुए जौ और चने को पीस कर बनाया जाता है। बिहार में इसे काफी पसंद किया जाता है। इसका प्रयोग कई व्यंजनों को बनाने के लिए होता है। सामान्यतः सत्तू एक चूर्ण के रूप में रहता है जिसे पानी में घोल कर पिया जाता है।

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की मानें तो आधुनिक दिनचर्या में 90 प्रतिशत लोग गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस नामक रोग से पीड़ित रहते हैं। हर समय जल्दबाजी, तनाव और मिर्च-मसालों का अधिक सेवन करने से पेपटिक ग्रंथि से गैस्ट्रिक जूस का रिसाव होता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होता है। सत्तू का सेवन करने से इस रिसाव को कम करने में काफी मदद मिलती है। जौ और चने से बना सत्तू कफ, पित्त, थकावट, भूख, प्यास और आंखों से जुड़ी बीमारी में बेहद लाभदायक होता है। डॉक्टरों तो इसे पेट के रोगों के लिए रामबाण इलाज मानते हैं।

मोटापे का दुश्मन है सत्तू-

आपको सुनकर हैरानी हो सकती है कि एक सम्पूर्ण आहार के लिए जरूरी सभी तत्व सत्तू में पाए जाते हैं। सत्तू को खाने या पीने से लम्बे समय तक व्यक्ति को भूख नहीं लगती है। जो वजन कम करने में व्यक्ति की मदद करता है।

सत्तू से मिलती है एनर्जी-

चने के सत्तू में मिनरल्स, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है जो आपके शरीर की थकान मिटाकर आपको इंस्टेंट एनर्जी देने का काम करता है।

पेट को ठंडा रखकर लू से बचाता है-

सत्तू की तासीर ठंडी होने की वजह से गर्मियों में इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है। यह पेट को ठंडा रखने में भी मदद करता है जिसकी वजह से व्यक्ति को लू नहीं लगती है। सत्तू शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे पेट संबंधी कई बीमारियों से बचाव होता है।

एनीमिया से रखें दूर सत्तू-

शरीर में खून की कमी होने पर व्यक्ति एनीमिया से पीड़ित होता है। ऐसा होने पर रोजाना पानी में सत्तू मिलाकर पीने से काफी लाभ मिलता है।

डायबिटीज की समस्या –

सत्तू में मौजूद बीटा-ग्लूकेन शरीर में बढ़ते ग्लूकोस के अवशोषण को कम करके ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं। सत्तू का सेवन रोजाना करने से मधुमेह रोगी डायबिटीज को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। ध्यान रखें इस रोग से पीड़ित लोगों को चीनी वाले सत्तू का सेवन नहीं करना चाहिए।

सत्तू सेवन के ये होते हैं नुकसान-

-चने के सत्तू का ज्यादा सेवन करने से पेट में गैस पैदा होती है। ध्यान रखें आहार में इसका ज्यादा सेवन न करें।

-मधुमेह के रोगियों के लिए सत्तू एक तरफ जहां वरदान है वहीं पथरी के रोगियों को इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

-चना कोढ़ के रोग में वृद्धि करता है, इसलिए कोढ़ से पीड़ित व्यक्ति को चने के सत्तू का सेवन नहीं करना चाहिए।

-बारिश के मौसम में चने के सत्तू का सेवन करने से बचना चाहिए।

-सत्तू को खाते समय ध्यान रखें बीच में पानी नहीं पीना चाहिए। इसके अलावा दिन में एक या दो बार से अधिक सत्तू का सेवन नहीं करना चाहिए।

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