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Thursday, 2 May 2019

मोहनलालगंज सीट से बसपा प्रत्याशी, सचिवालय से राजनीति का सफरनामा

सपना नया मोहनलालगंज बनाने का है: सीएल वर्मा

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे होने के चलते मोहनलालगंज सुरक्षित सीट का काफी महत्व सभी राजनीतिक दलों के लिए रहता है। ऐसे में हर दल की यही मंशा यही रहती है कि किसी भी तरह से इस सीट पर उनकी दावेदारी बनी रहे ताकि इसका लाभ अन्य सीटों पर मिले। मगर इस बार बदले हुए राजनीतिक आबोहवा में यहां पर त्रिकोणीय संघर्ष नजर आ रहा है। बसपा की बात करें तो यहां से इस बार सीएल वर्मा चुनावी मैदान में हैं। गौर हो कि दलित बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद अभी तक इस सीट पर बसपा का राजनीतिक वनवास खत्म नहीं हुआ है।

ऐसे में सीएल वर्मा पर एक अदद जीत तो दूसरी तरफ बसपा सुप्रीमो की उम्मीदों पर खरा उतरने का ‘डबल प्रेशर’ है। सचिवालय की सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति के मैदान में कूदे सीएल वर्मा के लिये मोहनलालगंज क्षेत्र नया तो नहीं है, मगर फिर भी उनकी इच्छा एक नया मोहनलालगंज बनाने की है जहां पर श्रमिकों के लिए रोजगार हो, महिलायें सशक्त हों और फ्लाईओवर की परिवहन सुविधा हो। कुछ ऐसे ही जनता से जुड़े मुद्दों व उनके राजनीतिक एजेंडे को लेकर उनसे तरुणमित्र के संवाददाताओं की टीम रवि गुप्ता और इख्तियार ने बातचीत की तो उन्होंने बडे ही सहजता और सधे हुए शब्दों में हर प्रश्न का जवाब दिया। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-:

प्रश्न-: 1962, जब से मोहनलालगंज अस्तित्व में आया तब से आज तक बसपा नहीं जीत सकी, कैसे करेंगे?
उत्तर-: गठबंधन को लेकर जनता के बीच परिवर्तन की लहर दिख रही है। जनता का मन बदल चुका है। अबकी यहां पर राजनीतिक सूखा खत्म होगा और शानदार विजय हासिल होगी।

प्रश्न-: किन तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहें?
उत्तर-: अपने कार्यकाल में बहन जी और अखिलेश जी ने काफी काम किया है। रोजगार की संभावनायें बढ़ायेंगे ताकि क्षेत्रीय लोगों को बाहर न जाना पड़े। रिंग रोड को नये-नये फ्लाईओवर से जोड़ेंगे ताकि मोहनलालगंज क्षेत्र सीधे नेशनल हाईवे से कनेक्ट हो और इसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिले।

प्रश्न-: गठबंधन होने से क्या राजनीतिक समीकरण बन रहें, टक्कर किससे है?
उत्तर-: गठबंधन के प्रत्याशियों को लेकर लोगों के बीच विकास की उम्मीदें दिख रही हैं। अब पुराने समीकरण नहीं चलेंगे। सपा-बसपा-रालोद के राजनीतिक मेल से नये व सतत विकास के नये आयाम खुलेंंगे। मेरा टक्कर नकारात्मक राजनीति से है। जनता बहकावे में नहीं आने वाली, उसको सबकुछ दिख रहा है।

प्रश्न-: क्षेत्र की पांच में से केवल एक विधानसभा सीट पर बसपा है, कैसे सपोर्ट मिल रहा?
उत्तर-: वर्तमान में केवल सिधौली विस हमारे खाते में है बाकी अन्य दलों के पास है। इसका कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। योगी सरकार का भी कार्यकाल अंतिम अवस्था में है जिससे जनता पूरी तरह ऊब चुकी है। हमारे पक्ष में बदलाव होगा।

प्रश्न-: पीएम प्रत्याशी को लेकर जंग शुरू हो गई है, आपका उम्मीदवार कौन है मायावती या अखिलेश?
उत्तर-: हां, विपक्षी दलों के बीच पीएम कैंडीडेट के कई नाम आ रहे हैं। अभी तो चुनाव चल रहा है। पार्टी नेतृत्व लोकसभा परिणाम आने के बाद जो भी निर्णय लेगा, उसके तहत ही काम किया जायेगा।

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