नई दिल्ली। ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का मानना है कि 2000 के सिडनी ओलंपिक में भले ही वह 11वें स्थान पर रहे थे लेकिन इसी प्रदर्शन ने उन्हें स्वर्ण पदक जीतने का विश्वास दिलाया था।
बिंद्रा 2000 के सिडनी ओलंपिक के समय मात्र 17 साल के थे लेकिन इसके आठ साल बाद 2008 के बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने एयर राइफल स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय निशानेबाज बने थे।
भबद्रा गोल्ड कोस्ट में 2018 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लांच की घोषणा के लिए टूरिज्म ऑस्ट्रेलिया और टूरिज्म एंड इवेंट्स क्वीन्सलैंड की संवाददाता सम्मेलन में सोमवार को बोल रहे थे। बिंद्रा ने कहा, मैंने पांच ओलंपिक खेले। लेकिन सिडनी ओलंपिक मेरा पसंदीदा रहा। आस्ट्रेलिया के लोगों के साथ मैंने इसका पूरा आनंद लिया।
सिडनी ओलंपिक में मैं 11 नंबर पर रहा लेकिन इस प्रदर्शन ने मेरे अंदर यह विश्वास दिलाया कि एक मैं दिन जरुर स्वर्ण पदक जीत सकता हूं और फिर 2008 के बीजिंग ओलंपिक में मैं स्वर्ण जीतने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि खिलाडियों के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का अपना महत्व होता है।

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