सिस्टम से सबक लेने को तैयार नही सदर अस्पताल | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Sunday, 25 March 2018

सिस्टम से सबक लेने को तैयार नही सदर अस्पताल

सिस्टम से सबक लेने को तैयार नही सदर अस्पताल
आरा(डिम्पल राय)।भोजपुर जिले के आरा सदर अस्पताल में शव के साथ किस तरह दुर्गति होती है। ये किसी से छिपा नही है आये दिन शव के साथ दुर्गति होना यहां की नियति सबित हो गया है लेकिन आरा सदर अस्पताल इस तरह के सिस्टम से सबक लेना उचित नही समझता। या यूं कहें कि सिस्टम के साथ अस्पताल प्रशासन खिलवाड़ करने से पीछे नही हटते। ताजा मामला उस वक्त सामने आया जब जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल जिसे आईएसओ का तमगा भी प्राप्त सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक लड़की का शव महिला कक्ष में करीब बारह घंटा से भी ज्यादा समय तक बेड के नीचे पड़ा रहा। आश्चर्य की बात यह है कि नाही अस्पताल प्रशाशन की नजर उस शव पर पड़ी और नाही किसी कर्मचारी की। महिला वार्ड में पड़े शव को देख पहले से भर्ती मरीज इधर उधर भाग गए। फिर भी किसी ने इस पर पहल नही की ताकि उस शव को मोर्चरी या पोस्टमारम रूम रखा जा सके। इस संदर्भ में बताया जाता है कि मृतका उदवंतनगर थाना क्षेत्र के सोनपुरा गाँव निवासी विजय सिंह की पुत्री सितवंती कुमारी जो विक्षिप्त थी। जिसका अचानक तबियत खराब हो जाने के कारण आरा सदर अस्पताल शनिवार को तकरीबन एक बजे इलाज के लिए लाई गई थी। इसी बीच शनिवार की देर शाम अचानक उसकी मौत हो गई। लड़की के मौत की सूचना जैसे ही अस्पताल कर्मचारियों को लगी वैसे ही मानवता को तार तार करते हुए शव को बेड की नीचे रख दिया मानो उसके मानवता से कोई लेना देना ही ना हो। इस घटना की जानकारी जैसे ही हमारे टीम को हुई मौके पर पहुच कर सारी तस्वीरे अपने कैमरे के कैद कर लिया जिसे देख अस्पताल प्रशासन के हाथ पैर फूलने सुरु हो गए। आनन फानन में शव को सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमॉर्टम रूम में रख दिया गया। बाद में परिजनों को शव सौपा गया। क्योंकि मृतिका के परिजन अपने घर के अन्य सदस्यों को बुलाने गाँव चले गए थे। बहरहाल मामल चाहे जो हो लेकिन जिस तरह आरा सदर अस्पताल में मरीजो के अलावा शव के साथ दुर्गति होती है वैसे में अस्पताल प्रशासन पर उंगली उठने लगे है। कुछ दिन पहले ही अस्पताल से निकली सिस्टम की शव यात्रा की खबरे प्राथमिकता से प्रकाशित की गई थी। जिससे अस्पताल प्रशासन को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा फिर भी अस्पताल प्रशासन इससे सबक लेना उचित नही समझता।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad