विशेष नागरिको को भारतीय रेलवे देती है टिकट पर छूट | Alienture हिन्दी

Breaking

Post Top Ad

X

Post Top Ad

Recommended Post Slide Out For Blogger

Monday, 25 June 2018

विशेष नागरिको को भारतीय रेलवे देती है टिकट पर छूट

नई दिल्ली। प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्यों तक का सफर करवाने वाली भारतीय रेलवे देश के नागरिको के विशेष वर्ग को ट्रेन टिकट की कीमत में खास छूट प्रदान करती है। यह छूट 25 फीसद से लेकर 100 फीसद तक हो सकती है। हालांकि इस तरह की छूट पाने वाले यात्रियों को कुछ प्रमाण पत्र दिखाने होते है, जिसके बाद ही उन्हें सस्ती दरों पर रेलवे की ओर से टिकट उपलब्ध करवाई जाती है और ये सुविधा अधिकांशतया: काउंटर पर ही उपलब्ध होती है।

भारतीय रेलवे यात्री किराए में जिन लोगों को विशेष छूट देती है उनमें सीनियर सिटीजन, विकलांग यात्री, छात्र, शहीद की विधवाएं एवं अन्य शामिल हैं। हालांकि आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन) जो कि भारतीय रेलवे का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, वह ऑनलाइन माध्यम से सिर्फ सीनियर सिटीजन को ही सुविधा प्रदान करता है। यानी अन्य छूट वाले टिकट इंडियन रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) काउंटर पर ही उपलब्ध होते हैं। यह जानकारी इंडियन रेलवे के पोर्टल इंडियन रेल डॉट गॉव डॉट इन (indianrail.gov.in) पर उपलब्ध है।

रियायती किराए की गणना मेल/ एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए बेसिक फेयर (मूल किराया) के आधार पर की जाती है, इसमें उस ट्रेन के प्रकार को भी देखा जाता है, जिसमें यात्री सफर करना चाहता है।

छूट केवल बेसिक फेयर पर ही लागू होती है, अन्य शुल्कों पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है। इनमें सुपरफास्ट सरचार्ज और रिजर्वेशन फीस इत्यादि हो सकता है। एक समय में यात्री सिर्फ एक प्रकार की ही छूट उठा सकता है। इंडियन रेलव के मुताबिक कोई भी व्यक्ति दो और उससे ज्यादा छूट प्राप्ति का दावा नहीं कर सकता है।

सीनियर सिटीजन को छोड़कर छूट के अन्य वर्ग में शामिल होने वाले लोगों को रियायती टिकट (सस्ती टिकट) के लिए एक अधिकृत प्रमाण पेश करना होता है। यानी विकलांग व्यक्ति को एक सरकारी डॉक्टर की ओर से प्रमाणित प्रमाण पत्र की छायाप्रति पेश करनी होती है। किसी अन्य देश की ओर से जारी किया गया प्रमाण पत्र इसमें मान्य नहीं होता है।

आरक्षण फॉर्म में विकल्प के माध्यम से मांग पर छूट टिकट जारी किए जाते हैं। जबकि ऑनलाइन टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट और एप के माध्यम से बुक किए जाते है। ऑनलाइन माध्यम में भी सीनियर सिटीजन का विकल्प उपलब्ध होता है।

रियायती टिकट पाने वाला व्यक्ति किसी उच्च श्रेणी की टिकट से अपनी टिकट नहीं बदल सकता है, भले ही वो किराए में अंतर के बराबर का भुगतान ही क्यों न कर दे। यह जानकारी भी इंडियन रेलवे की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

टिकट में इस तरह की छूट सीजनल टिकट, सर्कुलर जर्नी टिकट और राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस इत्यादि जैसी गाड़ियों में स्वीकार्य नहीं है। सभी स्टेशनों/आरक्षण कार्यालयों/ बुकिंग कार्यालयों के काउंटर पर ही सभी तरह की रियायतें दी जाती हैं।

विकलांग यात्री को यात्रा पर एक अन्य व्यक्ति को अपने साथ ले जाने का अधिकार होता है और इन दोनों के टिकट पर विकलांगता के फीसद के आधार पर छूट दी जाती है। विकलांग व्यक्ति जो अन्य किसी व्यक्ति की मदद से सफर नहीं कर सकता है उसे स्लीपर, थर्ड एसी और एसी चेयरकार के टिकट किराए में 75 फीसद की छूट मिलती है, जबकि फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी में यह सीमा 50 फीसद की है।

कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी और एसी चेयरकार में 75 फीसद की छूट मिलती है, जबकि स्लीपर में टिकट पर 100 फीसद छूट मिलती है। वहीं सीनियर सिटीजन की सूरत में छूट की सीमा अलग अलग है। 60 वर्ष और उससे ऊपर की उम्र के पुरुष को हर क्लास में टिकट पर 40 फीसद की छूट मिलती है, जबकि 58 वर्षीय महिला को हर क्लास में 50 फीसद की छूट दी जाती है।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad