Published at :30th September, 2018, 6:53 PM
— सिख संगठन उत्तर प्रदेश के द्वारा शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान
खुटार(शाहजहांपुर)। रविवार को क्षेत्र के गांव रौतापुर कलां गुरुद्वारे के सामने सिख संगठन के द्वारा शहीदों के परिजनों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश भर के हजारों सिख शामिल हुए कार्यक्रम में देश की आजादी में शहीद हुए परिजनों को सम्मानित किया गया शहीद भगत सिंह के परिवार से उनके पोते यादवेंद्र सिंह उनके भाई की पत्नी श्रीमती सुरेंद्र कौर शहीद उधम सिंह के परिवार से उनकी बहन के पोते श्री हरपाल सिंह बहनोई हाकिम सिंह शहीद अशफाक उल्ला खां के पोते अशफाक उल्ला खां शहीद सुखदेव सिंह के पोते अनुज थापर, शहीद राजगुरू के पौत्र सत्यशील आदि परिजन प्रमुख रूप से शामिल हुए कार्यक्रम में जनपद लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, लखनऊ, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, बिजनौर, शाहजहांपुर,व उत्तराखंड की संगत ने भाग लिया कार्यक्रम में प्रदेश भर के नागरिकों को प्रमुख रूप से संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जसवीर सिंह विक्र,किसान नेता वी एम सिंह,संगठन सयोजक ताजिन्दर सिंह विक्र,मानसिंह मान पाल सिंह, वीर सिंह,ने संबोधित किया उत्तराखंड के बिलासपुर कस्बे के प्रदेश महासचिव वीर सिंह ने कहा की हमारा संगठन सभी की समस्याओं के लिए सदैव तत्पर है संगठन का एक-एक कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है किसी भी समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर हैं।उसके बाद जनपद लखीमपुर गोला खीरी से आए नरेश सिंह भदौरिया ने कहा श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का मकसद था कमजोर लाचारों और गरीबों की मदद करना उन गुरुओं को सादर प्रणाम करते हुए कहां सिख किसानों की मेहनत से हमारे क्षेत्र में हरियाली संभव हुई हैं।उसके बाद शहीद ए आजम भगत सिंह के पौत्र यादवेंद्र सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के माध्यम से यहां आने का मौका मिला है और मैं शहीद भगत सिंह जी का अकेला वारिस नहीं हूं देश का हर नागरिक उनका बारिस है जो उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया है। उसे देश कभी भी नहीं भूल पाएगा उन्होंने कहा शहीदे आजम भगत सिंह को फांसी हुई थी अंग्रेजों ने सोचा कि उन्होंने सब समाप्त कर दिया लेकिन उन शहीदों की कुर्बानियो से अंग्रेजी हुकूमत हिल गई उन्होंने कहा शहीद ए आजम भगत सिंह जब बाल्यवस्था मे थे तो उनकी कुंडली एक पंडित को दिखाई गई तो पंडित ने भविष्यवाणी की और कहा यह बालक बहुत उच्च पदों पर जाएगा और उसके गले में नौ लक्खा हार होगा। तब के जमाने मे नौलखा हार के बहुत मायने हुआ करते थे आज मैं मानता हूं कि उन पंडित जी की की हुई भविष्यवाणी सही थी और नौलखा रूपी हार फांसी का फंदा वन कर उनके गले में पड़ा जिस कारण वह आज भी हर हिंदुस्तानी के दिलो पर राज करते हैं। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा शहीदों की नगरी शाहजहांपुर में शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर संग्रहालय बनाया जा रहा है। जिसमें सभी शहीदों का नाम होगा और शहीद रोशन लाल के पैतृक गांव में उनके नाम से राजकीय विद्यालय बनवाया जा रहा है।कार्यक्रम के बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जसवीर सिंह विक्र ने प्रदेश के सिखों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए समस्याओं से संबंधित माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ग्यारह सूत्रीय मांगों से प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी शाहजहांपुर को दिया कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों को संगठन द्वारा स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया इस मौके पर प्रमुख रूप से गुरपाल सिंह जिला अध्यक्ष सीतापुर, बलकार सिंह जिलाध्यक्ष हरदोई,गुरनाम सिंह जिला अध्यक्ष बहराइच, अनूप सिंह जिला अध्यक्ष बाराबंकी,नरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष शाहजहांपुर, इकबाल सिंह बरेली,बलजीत सिंह खैरा पीलीभीत, लखविंदर सिंह, कुलवंत सिंह ,करनैल सिंह, गुरलाल सिंह ,जसवंत सिंह,अमनदीप सिंह, हरपाल सिंह सहित सैकड़ों सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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