लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और आजमगढ़ पुलिस ने पूर्वांचल के कुख्यात सेराज गैंग के तीन शातिर बदमाशो को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। आरोपियों के पास से एक कट्टा, दो कारतूस और लूटा गया एक मोबाइल फोन मिला है। हालांकि मौके से गिरोह का सरगना फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश की जा रही है।
यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने आज बताया कि 09/10 सितम्बर की रात को वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्रान्तर्गत राजापुर पेट्रोल पम्प के पास, आजमगढ़ के थाना देवगांव कस्बे के तिराहे के पास और आजमगढ़ के ही थाना जहानागंज क्षेत्रान्तर्गत कारीसाथ गांव के पास से महिलाओं के साथ लूटपाट की घटनायें घटित हुई थी। मामले की जांच में जुटी एसटीएफ की वाराणसी इकाई टीम ने पाया कि इन वारदातों को आजमगढ़ के कुख्यात बदमाश सेराज उर्फ शहनवाज उर्फ पोढे़ ने अपने गैंग के साथ मिल कर अंजाम दिया है।
इस बीच एसटीएफ व पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर जनपद आजमगढ के थाना जहानागंज क्षेत्रान्तर्गत जहानागंज-सठियांव रोड बगहा पुलिया के पास बीती रात हुई मुठभेड़ में सेराज गिरोह के तीन सदस्यों मोहम्मद फैजान, शाह आलम कुरैशी निवासगण आजमगढ़ और शेर अली निवासी अम्बेडकरनगर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका सरगना सेराज उर्फ शहनवाज निवासी थाना अहिरौला आजमगढ़ फरार हो गया।
पूछताछ में आरोपियों में वाराणसी व आजमगढ़ की लूट की घटनाओं में शामिल होना कबूला। आरोपियों ने बताय कि उनके गैंग में लगभग दो दर्जन अपराधी षामिल हैं। सेराज ही पूरे गैंग का संचालक है। फिलहाल गैंग तीन भागों में बंट गया है, प्रथम गैंग का नेतृत्व स्वयं सेराज करता है, द्वितीय गैंग का हारिस एवं तृतीय गैंग का नेतृत्व तारिक करता है। गैंग मुख्य रूप से वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ, मऊ तथा आस-पास के अन्य जनपदों में गाड़ियों से घूमकर मवेशियों को चुराने का काम कररता है। मवेशी नहीं मिलने पर लोगों से लूटपाट करते है।
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Saturday, 22 September 2018
सेराज गैंग के तीन शातिर मुठभेड़ में गिरफ्तार, सरगना फरार
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