अदालत ने कहा कि जब देश में लाखों गरीबों के पास रहने की छत नहीं है और उन्हें खुले आकाश में सोना पड़ता है, ऐसे में कोई भी सरकार भला कैसे खास लोगों को जमीन अलॉट कर सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को पब्लिक लैंड अलॉट करते वक्त नई गाडलाइन बनाने को कहा है। आगे पढ़ें
अदालत ने कहा कि जब देश में लाखों गरीबों के पास रहने की छत नहीं है और उन्हें खुले आकाश में सोना पड़ता है, ऐसे में कोई भी सरकार भला कैसे खास लोगों को जमीन अलॉट कर सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को पब्लिक लैंड अलॉट करते वक्त नई गाडलाइन बनाने को कहा है। आगे पढ़ें

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