लखीमपुर खीरी। खीरी जिले में सरकारी राशन वितरण प्रणाली को भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। जिसमें भ्रष्टाचार की जड़े इतनी गहरी हो गयी हैं कि इन्हें जड़ से खत्म करने में कड़ी मशक्कत करनी पडे़गी। शासन जहाँ कोटेदार राशन व कैरोसीन वितरण में जमकर घटतौली कर रहे हैं। ऐसे में राशनकार्ड धारकों के विरोध करने पर कोटेदार अभद्रता करने पर उतारू हो जाते है। ऐसा ही एक मामला फूलबेहड़ ब्लॉक के मुड़िया मिश्र गांँव में देखने को मिला। जहाँ गांँव के दबंग कोटेदार रामगोपाल अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आता है।
कोटेदार रामगोपाल बीते कई वर्षो से गांव में कोटेदारी कर रहा है। जिसको घटतौली व धाँधली करने में महारथ हांसिल है। अगर कभी ग्रामीणों की शिकायत पर कोई अधिकारी जांच करता है तो दबंग कोटेदार जांच अधिकारी को भी रिश्वत देकर अपने पक्ष में कर लेता है। मुड़िया मिश्र गाँव के कार्ड धारकों का आरोप है कि कोटेदार अन्तोदय कार्ड धारकों को सौ रूपये लेकर महज 28 किलो राशन देता है। जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकां प्रति यूनिट सिर्फ चार किलो राशन मिलता है। जबकि 5 किलो राशन की कीमत वसूली जाती है।
वहीं मिट्टी के तेल में तो जमकर धाँधली होती है। कोटेदार हर महीने मिट्टी का तेल न बाँटकर तीसरे महीने ही तेल वितरण करता है। जिसमें कुछ खास व रसूखदार कार्डधारकों को गुपचुप तरीके से मिट्टी का तेल दे दिया जाता है जबकि बाकी बचे तेल को चोरी छिपे बड़े-बड़े कारखानों पर बेच दिया जाता है। यहीं हाल राशन वितरण में भी किया जाता है। जहाँ शेष बचे राशन को गांव के ही व्यापारियां के हाथ कालाबाजारी कर दिया जाता है।
ग्रामीणों का यह आरोप भी है कि रामगोपाल कोटेदार जिस कम्प्यूटर कांटे से गल्ला तौल कर देता है। उस कांटे में भी बड़ा झोल है जिसमें प्रति पांच किलो पर एक किलों राशन कम मिलता है। कार्डधारकों का कहना है कि अगर कोई ग्रामीण कोटेदार की शिकायत करता है तो कोटेदार शिकायत करने वाले कार्डधारकां को राशन भी नहीं देता है तथा उसके साथ अभद्रता भी करता है।
आरोप यह है कि शिकायतकर्ताआें को अपने खास लोगों से पिटवा भी देता है।
ग्रामीणों ने मांँग की है कि दबंग कोटेदार रामगोपाल के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की जायें ताकि गरीब व पात्र ग्रामीणों को समय से पूरा राशन मिल सकें।

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