
रोहिंग्या मुसलमानों के भारत में रहने पर होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा है कि ह्युमन राइट्स का हवाला देकर अवैध शरणार्थियों को रिफ्यूजी बनाने की गलती नहीं की जानी चाहिए। वे म्यांमार से भारत में घुस आए हैं। रोहिंग्या रिफ्यूजी नहीं है, इस सच्चाई को हमें समझना चाहिए। रिफ्यूजी स्टेटस लेने की एक प्रॉसेस होती है और इनमें से किसी ने इसे फॉलो नहीं किया है। रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से बाहर करने का फैसला इंटरनेशनल लॉ का वॉयरेशन नहीं है, क्योंकि हमने 1951 के यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन पर साइन नहीं किए थे। किसी भी रोहिंग्या ने भारत में शरणार्थी बनने के लिए अप्लाई भी नहीं किया है। बता दें कि देश में फिलहाल 40 हजार रोहिंग्या हैं। दावा है कि 16 हजार का यूएन रिफ्यूजी डॉक्युमेंटेशन हो गया है।
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