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Friday, 12 January 2018

आखिर 40 घण्टे के अन्दर ही क्यों मुख्तार को कर दिया डिस्चार्ज

लखनऊ। विधायक मुख्तार अंसारी के भाई पूर्व सांसद अफजाल अंसारी ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। बांदा जेल में तबीयत खराब होने के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में इलाज कराने के बाद बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी के वापस बांदा जेल भेजे जाने पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। अफजाल अंसारी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बांदा में तो मुख्तार अंसारी जरा भी सुरक्षित नहीं है और इसकी आशंका वो पहले ही जता चुके हैं।

मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल ने कहा कि जेल में मेरे भाई मुख्तार को हॉर्ट अटैक पड़ा था जिससे उनकी तबियत खराब हो गयी थी। उनके मुंह से गाज गिरने से उनकी पत्नी बेहोश हो गई थीं। अफजाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से मुख्तार के जीवन के संकट को देखते हुए संजय गांधी पीजीआई भर्ती करने के लिए फोन आया था। लेकिन उसके बाद भी उनके किसी करीबी ने फोन करके मुख्तार को डिस्चार्ज करने का दवाब बनाया था।

जिसके बाद आनन फानन में मुख्तार को 40 घंटे के अन्दर ही बांदा जेल भेज दिया गया। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि दोबारा अटैक के बाद संभावना कम होती है। इंजियोग्राफी के बाद कहा गया कि उनकी नसों में जरा भी ब्लॉकेज देखकर ऑपरेशन किया जाएगा। अफजाल अंसारी ने कहा कि बांदा के लोग नहीं मानते है कि मुख्तार को जहर दिया गया है बल्कि इन्हें अटैक पड़ा था। पहले डॉक्टरों ने कहा 72 घण्टे का समय मांगा था उसके बाद उन्हें शिफ्ट कर दिया था।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद बाद किसका फोन आया कि पूरा घटनाक्रम बदल गया जो 72 घण्टे में जाने को कह रहे थे वो तुरंत भेजने की बात कही गयी। डिस्चार्ज की फाइल पर लिखा गया था कि यात्रा न किया जाए फिर भी उन्हें जबरन भेज गया जो गलत है। अस्पताल के बजाय जेल क्यों भेज दिया गया। कौन सा दबाव में उन्हें भेज गया जेल और उन्हें अस्पताल में नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि संजय गांधी पीजीआई में मुख्तार अंसारी से किसी विधायक व एमएलसी से मिलने नहीं दिया गया। मुझे मुख्तार से नहीं मिलने नहीं दिया गया। पुलिस के अधिकारी मेडिकल बुलेटिन तैयार कर रहे है, इसका क्या मतलब है। अफजाल अंसारी ने कहा कि गुनाह के मामले में किसी को राहत दी जा रही है ताकि उसका बयान न हो। बृजेश सिंह कि 1986 कि घटना को दबा रहे हैं। बृजेश पर इतनी मेहरबानी क्यों हैं। उनको घर बनारस में और मुख्तार को जेल में रखा गया है। इस सरकार पर बृजेश सिंह पर इतनी मेहरबानी समझ से परे है।

कई बड़े नेताओं ने की थी मुलाकात
लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई में भर्ती रहने के दौरान मुख्तार अंसारी से कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इनमें कुछ नेता समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के करीबी हैं। सपा से पूर्व विधायक अभय सिंह ने अपने समर्थकों के साथ मुख़्तार अंसारी से मुलाकात की। इसके अलावा कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उफऱ् राजा भैया भी मुख़्तार से मिलने पहुंचे थे।

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