लखनऊ। सूबे में कानून व्यवस्था का राज कायम करने के लिए योगी सरकार संजीदा है। पर, नगराम पुलिस सरकार की इस मंशा से इत्तेफाक नहीं रखती। एक ओर राजधानी के गुडंबा थाने ने देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर उत्तर प्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया है। तो वहीं दूसरी ओर नगराम पुलिस का गैरजि?मेदाराना रवैया राजधानी पुलिस की छवि पर बट्ट लगा रहा है। नगराम पुलिस की कार्यप्रणाली पीडि़तों को न्याय दिलाने में बाधक बन रही है। मुकदमा लिखाये चार माह बीतने के बावजूद नगराम पुलिस अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस की इस लापरवाही के चलते पीड़ि़त परिवार को मुकदमा में समझौता न करने पर जान से हाथ धोने की धमकियां मिल रही हैं।
राजधानी के नगराम थानाक्षेत्र के देवीखेड़ा गांव में बीती 30 अगस्त को विधवा महिला चंद्रावती के पुत्र मनोज कुमार (35) व आशीष कुमार (22) को गांव के ही विनोद, अजय, विक्रम, रामनरेश व अन्य दबंगों ने लाठी-डंडों से जमकर मारा-पीटा था। पीड़ि़ता के दोनों पुत्रों के सिर व पैर में गंभीर चोटें आयी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। मुकदमा भी दर्ज किया। पर, इसके बाद पुलिस कुंभकर्णी नींद में सो गई।
मुकदमा पंजीकृत हुये चार माह बीतने के बाद फिर 11 जनवरी को शाम के करीब सात बजे राम नरेश का रिश्तेदार जगदीश निवासी शिवगुलाम खेड़ा थाना मोहनलालगंज अपने साथियों के साथ गांव शराब के नशे में धुत गांव के कन्हई की दुकान पर पहुंचे और आशीष को गाली देते हुये देख लेने की धमकी देते हुये कहा अगर अपनी जान की सलामती चाहते हो तो मारपीट मामले में सुलह-समझौता करा लों नहीं जान से मार दिये जाओगे। पीडि़त आशीष किसी तरह वहां से घर आया और 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक वह साथियों के साथ गांव से फरार हो गया। पुलिस ने पीडि़त को थाने आने के लिए कहा और चलती बनी।
इस प्रकरण में पुलिस ने अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। ऐसे में कहना गलत न होगा कि नगराम पुलिस सरकार के दावों की हवा निकालने में जुटी है।
यहां है अपराध की खुली छूट!
राजधानी लखनऊ का नगराम थाना ऐसा है जहां अपराध करने की खुली छूट है। नगराम थानाक्षेत्र में चाहे हत्या करो, डैकेती डालो, चोरी करो, अवैध खनन करो, मौत की मदिरा का काला कारोबार करो, किसी को लाठी-डंडों से सिर फोड़ो, हाथ-पैर तोड़ो, चाहे जो गैरकानूनी काम करो पुलिस तो कार्रवाई करना ही नहीं जानती है।
बोले थानाध्यक्ष
मामला संज्ञान में है। गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, नगराम


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