लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो और बसपा के एक पूर्व विधायकों समेत दर्जनों लोगों ने आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इन सभी ने पार्टी मुख्यालय में सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा का दामन थामा।
इस मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में सपा प्रमुख अखिलेश ने सपा में शामिल होने वाले लोगों का स्वागत किया और कहा कि हम राजनैतिक ही नहीं प्रोफेशनल लोगों का भी समाजवादी पार्टी में स्वागत करते हैं। हम इसके लिए प्रयासरत हैं। सपा मुखिया ने भाजपा को ध्यान भटकाने वाली पार्टी बताया और बाराबंकी में जहरीली शराब से मौत का शिकार हुए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए आर्थिक मुआवजा देने की मांग की।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा जनता का ध्यान भटकाने में बेहद ही माहिर पार्टी है। उन्होंने कहा कि कल ही बाराबंकी में जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोग मर गए और सरकार कार्रवाई नहीं करती है। अब भाजपा इनकी मौत का कारण ठंड बता रही है। सरकार को कम से कम मौत के मामले में तो साफ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को तो अब शीशा रख कर चेहरा देखना चाहिए। बाराबंकी में सभी की मदद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं भाजपा का कोई आदमी इस घटना के लिये जिम्मेदार हो। उन्होंने कहा कि सरकार 10 लाख मुआवज़ा मृतकों के परिवार को दे।
उन्होंने कहा कि नोएडा जाकर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने आप को भ्रम तोडऩे वाला मुख्यमंत्री बताते रहते हैं। इसके बाद भी वह दस दिन से प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को कुर्सी पर नहीं बैठा पा रहे हैं। भ्रम को तोडऩे वाले मुख्यमंत्री अब डीजीपी को ज्वॉइन कराने से पहले अच्छे दिन का इंतजार कर रहे हैं। यह लोग तो भ्रम में ही जीते हैं। जबकि कानून व्यवस्था इतनी बिगड़ गई है कि अपराधों की बाढ़ आ गई है।
आज सपा में शामिल होने वालों में भाजपा के पूर्व विधायक शम्भू चौधरी और नंद किशोर मिश्रा सहित तीन दर्जन नेता हैं। इसके साथ ही बसपा के पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी, पांच बार के विधायक और मंत्री श्याम लाल रावत, पूर्व विधायक महेश वाल्मीकि के साथ ही पूर्व सांसद लाल चंद्र कोल समेत कई दलों के नेताओं ने सपा ही सदस्यता ग्रहण की।


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