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Thursday, 11 January 2018

पढ़ाई का मकसद अच्छे नम्बर-नौकरी नहीं, बल्कि ज्ञान-संस्कार है-डा. शर्मा

लखनऊ । पढ़ाई का एकमात्र उद्देश्य यह नही है कि विद्यार्थी नम्बर प्राप्त कर लें और नम्बर पाकर नौकरी प्राप्त करें पढ़ाई करने का असली उद्देश्य ज्ञान एवं संस्कार ग्रहण करना है, जिससे समाज को एक नयी दिशा दी जा सके और सही एवं गलत के बीच अन्तर जान सके पढ़ाई में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। जब किसी गरीब का बच्चा जो बिना किसी अच्छी सुविधा के पढ़ाई में अव्वल आता है और अपने विद्यालय का नाम रौशन करता है तब उस विद्यालय के शिक्षकों की वास्तविक मेहनत सामने आती है प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने आज यहां नवयुग कन्या महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में यह विचार व्यक्त किये उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए समस्त परीक्षा केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने के निर्देश दिये गये हैं उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों को घर बैठे मार्क्ससीट ऑनलाइन मिल सके इसके लिए आवश्यक प्रबन्ध किये जा रहे हैं
डा. शर्मा ने परीक्षा की तैयारियों पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि क्लास के बाद घर पर रिवीजन जरूर करें, जिससे परीक्षा आने पर तैयारी पूरी करने में आसानी होगी साथ ही साथ वर्ष भर पढ़ाई करते रहें, जिससे परीक्षा के समय कोर्स पूरा करने का अनावश्यक दबाव न पड़े, परीक्षा के केवल 10-15 दिन पहले पढ़ाई करके सफलता प्राप्त कर लेना कोई सफलता नहीं है यह केवल अस्थायी सफलता है।
इस अवसर पर डा शर्मा ने महाविद्यालय की पत्रिका ‘नवयुगवाणी’ के पाँचवें संस्करण का लोकापर्ण किया और नवयुग कन्या महाविद्यालय बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा आयशा वहीद को महाविद्यालय की तरफ से ‘नवयुग रत्ना’ सम्मान से सम्मानित भी किया।

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