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Thursday, 11 January 2018

आलू किसानों का पंजीकरण कर डीबीटी के तहत किया जाएगा भुगतान

लखनऊ। प्रदेश में आलू किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की प्रथम बैठक विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुई, जिसमें उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र तथा प्रदेश सरकार किसानों की सभी प्रकार की समस्याओं के निराकरण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए चल रही केन्द्र तथा राज्य सरकार की सभी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जायेगा तथा जो योजनाएं वर्तमान में अनुपयोगी हो गयी है। उन पर विचार करते हुये उनके स्थान पर प्रभावी और किसानों के लिये लाभकारी योजनायें लायी जायेंगी।

उन्होंने आलू किसानों पर चर्चा करते हुए बताया कि उद्यान विभाग के माध्यम से आलू किसानों का पंजीकरण किया जायेगा तथा डी.बी.टी. के तहत सभी प्रकार के लाभ सीधे उनके खाते में दिये जायेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शीतगृहों में आलू भण्डारण के समय उन्हे किसी प्रकार की समस्या न हो तथा अनावश्यक लाइन न लगे इसके लिये सभी जिलाधिकारियों कों निर्देश दिये जायें। श्री मौर्य ने निर्देश दिये कि विभिन्न राज्यों में चल रहे आलू मूल्य का तुलनात्मक अध्ययन कर लाभकारी मूल्य निर्धारित किये जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाय।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मांग और पूर्ति के लिये क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं इस पर विचार करने के साथ-साथ निर्यात प्रोत्साहन के विकल्पों पर भी ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहा कि यदि जरूरी होगा तो मंडी शुल्क समाप्त करने पर भी विचार किया जायेगा। श्री मौर्य ने कहा कि इस वर्ष दो लाख टन आलू क्रय किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिये सात एजेन्सियां तय की गयी हैं। आलू क्रय करने वाली एजेन्सियों को 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दिये जाने तथा मध्यान्ह् भोजन योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में आलू के उपयोग पर बैठक में विचार किया गया।

श्री मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण नीति में आलू के उपयोग से जुड़े समस्त विकल्पों पर विचार करने के निर्देश अधिकारियों को दिये उन्होंने कहा कि हम गरीब मजदूर व किसान को उनका वाजिब हक दिलाने के लिये उसके साथ खड़े हैं। अतः सभी प्रकार के विकल्पों में आलू किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए गंम्भीरता पूर्ण विचार किया जाये। उन्होंने कहा कि अभी तक खाद्य प्रसंस्करण में मात्र 10 लाख टन आलू की खपत है यह पर्याप्त नहीं है इसे बढ़ाने के प्रयास हों।
बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री, दारा सिंह चौहान सहित वित्त, कृषि, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा मंडी विभाग के सचिव मौजूद थे।

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