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अपराधी को गिरफतार कर थाने से छोड़ देने का मामला
मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। बाह रे मिर्जापुर पुलिस! दलित को पीटने, बागों मे आग लगाकर हरियाली नष्ट करने और आये दिन ग्रामीणों के साथ मारपीट कर आतंक फैलाने वाले होमगार्ड्स पुत्र को पुलिस अपराधी नहीं मानती है। शिकायतों पर पुलिस ने आरोपी को गिरफतार कर छोड़ देने से ग्रामीणों मे रोष व्याप्त है।थाना क्षेत्र के ग्राम हरसीपुर निवासी होमगार्ड्स भँवरपाल सिंह के पुत्र कृष्णपाल सिंह उर्फ केपी के आतंक से ग्रामीण बेहद दुखी हैं। होमगार्ड्स पुत्र के आतंक से दुखी रिटायर्ड शिक्षक जयसिंह,ओमपाल सिंह,जंगबहादुर सिंह,केशव कुमार,अतुल कुमार,माखन,नन्हीं देवी,गांव की मढी के महंत उधौदास तथा समीपबर्ती ग्राम मिलकिया निवासी दलित चेतराम आदि ने थानाध्यक्ष को शिकायती पत्र देकर होमगार्ड्स पुत्र के आतंक से निजात दिलवाये जाने की मांग की थी।
ग्रामीणों की शिकायत अमर उजाला ने १२ मई के अंक मे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। होमगार्ड्स पुत्र के आतंक की खबर प्रकाशित होने तथा पुलिस अधीक्षक के संज्ञान लेने के बाद थाने के एसआई वकार अहमद आरोपी को पकड़कर थाने लाये।रविवार को दिन भर आरोपी थाने मे बैठाये रखा,किंतु शाम को आरोपी के होमगाडर््स पिता की सिफारिश पर छोड़ दिया गया। इस सम्बंध मे एसआई वकार अहमद का कहना है कि आरोपी के विरूद्ध कोई जुर्म ही नहीं बन रहा है। इस लिए उसे उसके पिता की सुपुर्दी मे दे दिया गया है। उधर पुलिस की कार्य प्रणाली से आहत ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस बदमाश को संरक्षण देकर किसी बड़ी घटना के इंतजार मे है। यदि शीघ्र ही बदमाश के आतंक पर रोक नहीं लगायी गयी,तो ग्रामीण अपनी जानमाल की सुरक्षा के लिए जिला मुख्यालय पर डेरा डाल देंगे।
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Monday, 14 May 2018
पुलिस की नजर आग लगाना,मारपीट करना कोई अपराध नहीं
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