
कोहली की कप्तानी में आरसीबी लगातार मैच हार रही है सोमवार को भी 146 जैसे एक आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ब्रिगेड 5 रन से हार गई इस वजह से कोहली की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं आईपीएल 2018 में जहां कप्तान के रूप में धोनी विलियमसन और कार्तिक की तारीफ हो रही है वहीं भारत के सबसे सफल कप्तान के रूप में आगे बढ़ रहे विराट कोहली ने अपने फैंस को जमकर निराश किया। शुरुआत की 6 मैचों में कोहली ने आरसीबी की बल्लेबाजी पक्ष को मजबूत बनाया और बॉलिंग पक्ष को बेहद कमजोर रखा इस वजह से 6 मैचों में टीम के खिलाफ 3 बार 200 से अधिक के स्कोर बने।
बल्लेबाजी पक्ष को मजबूत करने के लिए कोहली ने टीम साउदी जैसे धाकड़ बॉलर को बाहर रखा साउदी डेथ बॉलिंग के साथ साथ एक अच्छे फील्डर और बड़े हिट भी लगाने के लिए भी जाने जाते हैं। मोइन अली को मौका नहीं देना कोहली को एक अच्छे ऑलराउंडर की कमी काफी खली मोइन अली के टीम में होने के बावजूद शुरुआत की 9 मैचों में उन्हें मौका नहीं दिया गया ये फैसला भी आरसीबी के खिलाफ गया वॉटसन नरेन की ऑलराउंडर क्षमता का उदाहरण कोहली के पास था जिन्होंने कभी बैटिंग और कभी बॉलिंग से अपनी टीम को मैच जिताया लेकिन कोहली यहां भी फेल रहे वॉक्स पर उनका भरोसा ज्यादा सही नहीं रहा।
10वें मैच में मैकुलम को बाहर रखना भी कोहली को भारी पड़ा बॉलिंग पिच और खासकर हैदराबाद जैसी टीम जो अपनी गेंदबाजी से मैच जीत रही है वैसी टीम के खिलाफ बैटिंग पक्ष को कमजोर करना कहीं से सही फैसला नहीं लगा।
पहले ही हार मान लेना कोहली की फितरत में शामिल नहीं था हालांकि इस आइपीएल मैचों में ऐसे कई मौके आए जब आरसीबी की टीम ने पहले ही हथियार डाल दिए आईपीएल के मैचों में डगआउट से भी कई कप्तान खिलाड़ियों को तेज या आराम से खेलने का संकेत दिखाई देते हैं हालांकि कोहली को कई मैचों में अपना विकेट गंवाने के बाद निराश देखा गया चेन्नई के साथ पहले मैच में जब धोनी का बल्ला चल रहा था तब 17-18 ओवर से ही कोहली के भाव से ऐसा लग रहा था कि वह मैच हार गए हैं जबकि आरसीबी ने 200 से अधिक का स्कोर बोर्ड पर लगाया था सोमवार के मैच में भी कोहली पिच पर खेल रहे कॉलिन डि ग्रैंडहोम और मनदीप सिंह को रणनीति बनाने में मदद करते नहीं दिखे।
कोहली ने सरफराज, मनन वोहरा जैसे खिलाड़ी पर तो बार बार दांव लगाया लेकिन फॉर्म में रहे बल्लेबाज मनदीप सिंह को बैटिंग ऑर्डर में ऊपर लाने की कोशिश नहीं की जबकि मनदीप ने आरसीबी के लिए कोहली और डिविलियर्स के बाद 33 की औसत से सबसे ज्यादा 232 रन बनाए हैं। बैट्समैन के रूप में भले ही काफी सफल रहे लेकिन उन्हें अपने साथी खिलाड़ी के साथ पार्टनरशिप बनाते हुए नहीं देखा गया और न ही फॉर्म वाले खिलाड़ी को मौका देते हुए।

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